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टीसीएस पहली बार बाज़ार में उतरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सबसे बड़ी सूचना तकनीक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) अपने शेयर लेकर पहली बार बाज़ार में आया है. टीसीएस ने 55 लाख शेयर बाज़ार में उतारे हैं जिनसे वह 60 अरब रूपए की पूँजी जुटाना चाहता है. भारत में किसी निजी कंपनी ने पहली बार इतनी अधिक क़ीमत के शेयर बाज़ार में उतारे हैं. शेयर बाज़ार में टीसीएस के शेयरों का स्वागत किया गया है और पहले ही दिन आधे से अधिक शेयरों के लिए लोगों ने आवेदन कर दिया है. 55 लाख शेयरों में से आधे आरक्षित हैं और 25 प्रतिशत शेयर छोटे निवेशकों के लिए रखे गए हैं. शेयरों की बिक्री पाँच अगस्त तक जारी रहेगी. अच्छा संकेत आरंभिक कारोबार को विश्लेषकों ने टीसीएस शेयरों की आरंभिक बिक्री को अच्छा संकेत बताया है. शेयर दलाल आलोक चूड़ीवाला का कहना है कि छोटे निवेशक आने वाले दिनों में ख़रीदारी करेंगे. टीसीएस के शेयर मूल्यों के अनुसार इस साल एशिया की दूसरी बड़ी शेयर बिक्री है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इससे पहले एक चीनी कंपनी ने इसी साल 90 अरब रुपए (1.8 अरब डॉलर) उगाहे थे. टीसीएस अपने शेयरधारकों से जुटाए गए पैसे का निवेश टेलीकॉम कंपनियों में करेगी. फ़िलहाल टाटा का टेलीकॉम कारोबार भारती समूह और रिलायंस समूह के टेलीकॉम कारोबार से पीछे है. टीसीएस 1968 में स्थापित टीसीएस पिछले साल देश की पहली ऐसी आईटी कंपनी बनी जिसकी संपत्ति एक अरब डॉलर हो. इस कंपनी की शाखाएं दुनिया के 32 देशों में हैं और उनमें 28 हज़ार लोग काम करते हैं. टाटा कंपनी के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा है कि टीसीएस शेयरों के बाज़ार में आने के साथ ही टाटा समूह एक नए युग में प्रवेश कर रही है. उन्होंने कहा कि टीसीएस एक वैश्विक कंपनी के रुप में दुनिया भर में काम करती रहेगी. उल्लेखनीय है कि टाटा समूह इस्पात, कार, चाय और खाद उद्योगों में एक बड़े खिलाड़ी के रुप में जाना जाता है. |
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