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टाटा ख़रीद रही है देवू की ट्रक कंपनी
भारत में ट्रक और बसें बनाने वाली अग्रणी कंपनी टाटा, दक्षिण कोरिया की देवू कमर्शियल व्हीकल कॉर्पोरेशन को ख़रीदने जा रही है. इस सौदे को लेकर बुधवार को देवू और टाटा में एक समझौते पर हस्ताक्षर होने जा रहा है. टाटा मोटर्स ने एक वक्तव्य में कहा है, ''अगले दो या तीन महीनों में इस सौदे के पूरा हो जाने की संभावना है और यह देवू की ओर से काम ख़त्म कर दिए जाने पर निर्भर करेगा.'' कंपनी के प्रवक्ता वी कृष्णन ने कहा, ''यह समझौता देवू के ट्रक व्यवसाय पर टाटा के अधिकार की शुरुआत है.'' कभी भारत की नंबर दो कंपनी रही देवू ने इस सौदे के लिए टाटा का चयन दुनिया की दस कंपनियों में से किया है. पिछले साल इस कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया गया था. देवू की कार बनाने वाली कंपनी को पहले ही अमरीका की जीएम मोटर्स ने ख़रीद लिया है. यह कंपनी माटिज़ और सिएलो जैसी गाड़ियाँ बनाती है. दूसरी ओर 1945 में शुरु हुई टाटा मोटर्स इस समय दुनिया की दस बड़े वाहन उत्पादकों में से एक है. यह टाटा उद्योग समूह की सबसे बड़ी कंपनी है और साल में 800 करोड़ रुपए से ज़्यादा का व्यवसाय करती है. सौदा समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार यह सौदा 118 मिलियन डॉलर यानी कोई 590 करोड़ रुपए का होगा. देवू ने एक वक्तव्य में कहा है कि इस राशि में कंपनी पर बकाया 200 करोड़ रुपए से अधिक की देनदारी की रकम शामिल नहीं है. दक्षिण कोरिया के कनसान प्लांट में हर साल 20 हज़ार व्यवसायिक वाहनों के उत्पादन की क्षमता है. इस कंपनी ने इस साल के पहले छह महीने में पाँच करोड़ रुपए से ज़्यादा का लाभ कमाया है. |
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