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अर्थव्यवस्था में जान फूँकेंगेः मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूँकने के लिए कुछ विशेष कदमों की घोषणा की है. उन्होंने इंस्पेक्टर राज ख़त्म करने और मूलभूत ढाँचे से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति आँकने के लिए अपनी अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने की बात भी कही है. उन्होंने ये घोषणाएँ जेआरडी टाटा के जन्मशताब्दी समारोह के दौरान भारत की उद्योग संस्था एसोचेम की एक बैठक को संबोधित करते हुए की हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना था कि भारत की अर्थव्यवस्था के दुनिया की अर्थव्यवस्था से पूरी तरह जुड़ने का समय आ गया है और देश का लक्ष्य भविष्य की बहुराष्ट्रीय कंपनियों का केंद्र बनना होगा. उनका कहना था कि उनकी सरकार अगले एक दशक में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर सात से आठ प्रतिशत तक कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इसके लिए कृषि क्षेत्र में विकास दर को चार प्रतिशत तक ले जाना होगा और औद्योगिक विकास दर को 10-12 प्रतिशत तक पहुँचाना होगा. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना था, "सरकार सभी मूलभूत ढ़ाँचे से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति पर नज़र रखेगी. इसके लिए मैं अपनी अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर रहा हूँ." इस विषय में योजना आयोग देखेगा कि नीतियों में कहाँ अड़चनें आ रही है और विभिन्न मंत्रालयों को परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करने के लिए क्या करना चाहिए. भारत में इंस्पेक्टर राज ख़त्म करने के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में किसी भी उद्योग पर तीस इंस्पेक्टर जाते हैं जबकि चीन में केवल छह इंस्पेक्टर ही किसी उद्योग के दफ़्तर जाते हैं. |
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