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'एड्स के प्रसार से अर्थव्यवस्था पर असर' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारत अपने यहाँ एचआईवी और एड्स का प्रसार रोकने में नाकाम रहता है तो देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. नेशनल काउंसिल ऑफ़ अप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इस बीमारी पर प्रभावी तरीक़े से रोक नहीं लगी तो आर्थिक विकास की दर में एक फ़ीसदी की गिरावट आ सकती है. एनसीएईआर सरकारी कोष से गठित संस्था है. संस्था का कहना है कि सरकार को एड्स के रोकथाम कार्यक्रम पर ज़्यादा ख़र्च करना चाहिए. इस समय 50 लाख से ज़्यादा भारतीय एचआईवी से ग्रस्त हैं और संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि भारत में सबसे ज़्यादा एचआईवी से ग्रस्त लोग हैं. कोशिश लेकिन भारत में एड्स की रोकथाम के लिए काम करने वाली संस्था नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन (नाको) की प्रमुख सुजाता राव का कहना है कि सरकार की कोशिश से इसे कम किया जा सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है, "एड्स का प्रसार न रुका तो देश की आर्थिक प्रगति में 0.86 फ़ीसदी और प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद में 0.55 फ़ीसदी की गिरावट आ सकती है." रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्माण, रसायन और खनन क्षेत्र के अकुशल श्रमिक एचआईवी से सबसे ज़्यादा संक्रमित होते हैं. यह भी चेतावनी दी है कि एड्स के कारण भारत में ग़रीबी बढ़ सकती है. लेकिन एड्स के ख़िलाफ़ अभियान से जुड़ी संस्थाओं का कहना है कि प्रभावी तरीक़े से अभियान चलाया गया तो इस ख़तरे से निपटा जा सकता है. नाको की निदेशक सुजाता राव का कहना है कि एचआईवी से ज़्यादा प्रभावित देशों में संक्रमित लोगों की संख्या पर क़ाबू पाया जा सकता है और भारत सरकार भी इसके लिए व्यापक अभियान चला रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत में हैं सर्वाधिक एचआईवी रोगी30 मई, 2006 | विज्ञान एचआईवी के टीके के लिए 30 करोड़ डॉलर19 जुलाई, 2006 | विज्ञान एड्स पीड़ित माँ-बाप के कारण आत्महत्या03 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भारत में एड्स के ख़िलाफ़ संयुक्त मुहिम23 जून, 2006 | भारत और पड़ोस एड्सःउत्तर भारत पर ध्यान ज़रूरी07 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस दक्षिण भारत में एचआईवी में कमी30 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस गाँवों में एड्स रोकने के लिए उपाय?01 दिसंबर, 2005 | आपकी राय भारत में बढ़ा एड्स का ख़तरा21 नवंबर, 2005 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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