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भारत में एड्स के ख़िलाफ़ संयुक्त मुहिम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), नेशनल एड्स कंट्रोल संस्था (नाको), बाल कल्याण मंत्रालय औऱ क़रीब 40 ग़ैर-सरकारी संगठन अब संयुक्त रूप से एड्स के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ेंगे. साथ ही एड्स जैसी बीमारी से निपटने के लिए अब गाँवों के मुखिया की मदद ली जाएगी. इस अभियान के तहत 11 राज्यों के क़रीब 300 ज़िलों में एक जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा और इस अभियान के लिए ब्रिटिश सरकार आर्थिक मदद देगी. इस बारे में यूएनडीपी की परियोजना प्रबंधक मोना मिश्रा ने बताया, "अनैतिक मानव तस्करी और एड्स का ही एक-दूसरे से गहरा संबंध है. पर ऐसे संगठन कम ही हैं जो दोनों मुद्दों पर काम कर रहे हों. हमारी कोशिश है कि इस पर अलग-अलग काम करने वाले संगठन इन दोनों सवालों को एक साथ देखें." चिंता मानव तस्करी के मामले में भारत विश्व नक्शे पर एक बड़ा देश है. ग़रीबी की मार झेल रहे परिवार लड़कियों और बच्चों को कुछ पैसों के बदले में बेच देते हैं. इनका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण होता है. पर समस्या केवल भारत के भीतर तक ही सीमित नहीं है. नेपाल और बांग्लादेश की लड़कियों के लिए भी भारत देह व्यापार का केंद्र बनता जा रहा है. इसी के साथ जुड़ा है एचआईवी का संक्रमण और एड्स की बीमारी. अब गाँव-गाँव जाकर इस बारे में जानकारी देने की मुहिम शुरू की जा रही है. अभियान के तहत ग़ैर-सरकारी संगठन बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु के 300 ज़िलों में अवैध मानव तस्करी और देह व्यापार के शिकार बच्चों और लड़कियों को एचआईवी एड्स से बचाव की जानकारी देंगे और उनकी मदद भी करेंगे. सुंदर अभियान इस मुहिम को लोकप्रिय बनाने के लिए मिस इंडिया यूनिवर्स नेहा कपूर, मिस इंडिया वर्ल्ड नताशा सूरी और मिस इंडिया अर्थ अमृता पातकी की भी मदद ली गई है.
अभियान के बारे में नेहा कपूर कहती हैं, "इससे एक मंच मिला है. यहाँ आकर यह जानकारी मिली है कि क्या हो रहा है. मुझे दूत के रूप में इस दिशा में काम करने के लिए नियुक्त किया गया है." उधर सरकार ने अब अनैतिक मानव तस्करी निषेध क़ानून में एक संशोधन करने का भी मन बना लिया है. पहले इस क़ानून में यह प्रावधान था कि वेश्याओं के पास जाने वाले लोगों और वेश्याओं को संरक्षण देने वालों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया जाएगा. अब सरकार इन नियमों में ढील देने का मन बना रही है क्योंकि यौनकर्मियों की दलील है कि ऐसा करने से उनका काम तो प्रभावित होगा ही साथ ही यौनकर्मियों के पास वो भी नहीं जा सकेंगे जो एड्स के बारे में उन्हें बताना चाहते हैं और न ही यौनकर्मी संगठित होकर काम करेंगे. हाल में अमरीकी सरकार ने भारत में अवैध मानव व्यापार में रिकॉर्ड बढ़त को देखते हुए उसे 'टियर टू वॉच' श्रेणी में रखा था. शायद यह मुहिम भारत की स्थिति और इस छवि को सुधारने में मदद करे. | इससे जुड़ी ख़बरें बीबीसी-बॉलीवुड एड्स पर साथ-साथ09 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस गाँवों में एड्स फैलने पर चिंता30 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस एड्सःउत्तर भारत पर ध्यान ज़रूरी07 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस दक्षिण भारत में एचआईवी में कमी30 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'सेक्स पर चर्चा की झिझक दूर हो'01 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस एड्स: डेढ़ लाख डॉक्टरों को प्रशिक्षण26 मई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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