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गाँवों में एड्स फैलने पर चिंता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के ग्रामीण इलाक़ों में तेज़ी से एचआईवी संक्रमण फैलने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों ने गहरी चिंता प्रकट की है. एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस से पहले अधिकारियों ने कहा है कि ग्रामीण इलाक़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण स्थिति और भयावह रूप लेती जा रही है. राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की प्रमुख सुजाता राव का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में एचआईवी संक्रमण दूर-दराज़ के गाँवों तक जा पहुँचा है. लेकिन सरकार का यह भी कहना है कि एचआईवी संक्रमण के प्रसार की दर में तेज़ी से कमी आ रही है. भारत में पचास लाख से अधिक लोग एचआईवी संक्रमण से ग्रस्त हैं, इस तरह भारत दुनिया में एचआईवी के मामले में दक्षिण अफ्रीका के बाद दूसरे नंबर पर है. सुजाता राव ने कहा, "अब तक एड्स या एचआईवी एक शहरी बीमारी समझी जा रही थी लेकिन अब चिंता की बात ये है कि इसने गाँवों में भी पैर फैलाना शुरू कर दिया है." आँकड़े भारत के स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदौस ने ज़ोर देकर कहा है कि भारत में एचआईवी ग्रस्त लोगों की संख्या पचास लाख से बहुत अधिक नहीं है जबकि संयुक्त राष्ट्र की एड्स नियंत्रण संबंधी संस्था के प्रमुख का कहना है कि भारत में सरकारी आंकड़ों की तुलना में बहुत ज़्यादा लोग संक्रमित हैं. स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि वर्ष 2004 में संक्रमण के सिर्फ़ 28 हज़ार मामले सामने आए जबकि 2003 में यह संख्या पाँच लाख से ऊपर थी, रामदौस का कहना है कि इन आँकड़ों की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी पुष्टि की है. इन आँकड़ों को मानने से संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएड्स ने इनकार कर दिया था और भारत की ग़ैर सरकारी संस्थाओं का भी मानना है कि सरकारी आँकड़े सही नहीं हैं. वैसे भारत के स्वास्थ्य मंत्री ख़ुद भी स्वीकार करते हैं कि आँकड़े पूरी कहानी बयान नहीं करते. वे कहते हैं,"बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों में बहुत सारे ऐसे लोग संक्रमित होंगे जिनके बारे में पता नहीं है." अगर संक्रमित व्यक्ति को पता नहीं हो तो उससे बीमारी के फैलने का ख़तरा और अधिक बढ़ जाता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारतीयों में एड्स का ज़्यादा ख़तरा'05 अप्रैल, 2005 | विज्ञान एड्स निरोधक टीके का मनुष्यों पर प्रयोग 07 फ़रवरी, 2005 | विज्ञान रैनबैक्सी की 'एड्स दवा' अमरीका पहुँची13 जनवरी, 2005 | विज्ञान एचआईवी प्रतिरोधी जीन का पता लगा11 जनवरी, 2005 | विज्ञान एचआईवी की सस्ती दवाओं की कमी01 दिसंबर, 2004 | विज्ञान महिलाओं पर एड्स की मार ज़्यादा30 नवंबर, 2004 | विज्ञान भारत में एड्स के मामलों में बढ़ोत्तरी02 जुलाई, 2004 | विज्ञान ख़तने से एचआईवी का ख़तरा कम26 मार्च, 2004 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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