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दक्षिण भारत में एचआईवी में कमी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताज़ा शोध के मुताबिक़ दक्षिण भारत में एचआईवी संक्रमण में एक तिहाई तक की कमी आई है. भारत और कनाडा के शोधकर्ताओं के साझा अध्ययन से पता चला है कि सुरक्षित यौन संबंध को बढ़ावा देने वाले अभियानों का काफ़ी अच्छा असर हुआ है. लैंसेट पत्रिका के इस शोध में गर्भवती महिलाओं और यौन रोगों का इलाज कराने वाले युवाओं का अध्ययन किया गया. भारत में लगभग पचास लाख लोग एचआईवी संक्रमण से ग्रस्त हैं और उनका लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण भारत में रहता है. भारत में एचआईवी के फैलने का मुख्य कारण वेश्यावृत्ति को माना जाता है, यह संक्रमण आम घरेलू महिलाओं में भी फैल गया है क्योंकि ज़्यादातर मामलों में पतियों की वजह से पत्नियों तक संक्रमण पहुँचा है. अभियान पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार और विश्व बैंक सहित कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने जागरूकता अभियान चलाया है, ख़ास तौर पर यौनकर्मियों के बीच. इस ताज़ा शोध का नेतृत्व करने वाले टोरंटो यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर प्रभात झा कहते हैं कि जागरूकता अभियान इतने सफल रहे हैं कि आलोचकों का मुँह बंद हो गया है. उन्होंने कहा, "कई तरह की भविष्यवाणियाँ की जा रही थीं जिनमें से ज़्यादातर अनुमान पर आधारित थे, कहा जा रहा था कि भारत में अफ्रीका की तरह एड्स का महाविस्फोट होगा लेकिन अब साफ़ पता चल रहा है कि स्थिति में सुधार हो रहा है." प्रभात झा कहते हैं, "अच्छी ख़बर है कि दक्षिण भारत में एचआईवी संक्रमण युवाओं में कम हो रहा है, इसकी एक ही वजह हो सकती है कि लोग सुरक्षित सेक्स की ओर प्रेरित हुए हैं." प्रोफ़ेसर झा का कहना है कि उत्तर भारत में भी इस तरह के अध्ययन होने चाहिए तभी पूरे देश की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत का पहला एचआईवी मैरिज ब्यूरो31 मई, 2005 | विज्ञान 'आँकड़ों की तुलना ठीक नहीं'20 अप्रैल, 2005 | विज्ञान एड्स के टीके का सफल परीक्षण20 अप्रैल, 2005 | विज्ञान एड्स: डेढ़ लाख डॉक्टरों को प्रशिक्षण26 मई, 2005 | भारत और पड़ोस 'भारतीयों में एड्स का ज़्यादा ख़तरा'05 अप्रैल, 2005 | विज्ञान महिलाओं पर एड्स की मार ज़्यादा30 नवंबर, 2004 | विज्ञान भारत में एड्स के मामलों में बढ़ोत्तरी02 जुलाई, 2004 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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