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एड्स पीड़ित माँ-बाप के कारण आत्महत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय राज्य गुजरात में संतोष बनिया नाम के एक युवक ने अपने माता पिता के एचआईवी पॉज़ीटिव होने की बात सार्वजनिक होने के बाद आत्महत्या कर ली है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह घटना एचआईवी और एड्स से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों का परिणाम है. पुलिस के मुताबिक अब तक की छानबीन से ये संकेत मिलते हैं कि संतोष बनिया ने ये क़दम इसलिए उठाया क्योंकि उसे डर था कि माता-पिता को एड्स होने की ख़बर पता चलने के बाद उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा. अहमदाबाद में रहने वाले 15 वर्षीय संतोष को जब यह मालूम हुआ कि उसके माँ बाप एचआईवी पॉज़िटिव हैं, तभी से वह परेशान रहता था. आजीविका इस बात की जानकारी धीरे-धीरे पास पड़ोस में भी फैल जाने के बाद उसने पिछले मंगलवार को खुद को आग लगा ली. बुरी तरह झुलसे संतोष की शनिवार को मृत्यु हो गई. संतोष के माता पिता सब्ज़ी बेच कर परिवार का गुज़ारा करते हैं. संतोष ने मृत्यु से पहले पुलिस को दिए बयान में यह चिंता जताई कि इस बीमारी से उनके माँ बाप की मौत तय है और ऐसा होने पर परिवार का भरण-पोषण कौन करेगा. संयुक्त राष्ट्र ने मई में जारी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में एड्स तेज़ी से फैल रहा है और इस बीमारी से संक्रमित लोगों की संख्या दक्षिण अफ़्रीका से भी अधिक हो सकती है. दक्षिण अफ्रीका में लगभग 57 लाख लोग एचआईवी संक्रमित हैं. हालाँकि भारतीय अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र संघ के इस रिपोर्ट का खंडन किया है. उनका कहना है कि भारत में एचआईवी संक्रमित लोगों की संख्या लगभग 52 लाख है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत में हैं सर्वाधिक एचआईवी रोगी30 मई, 2006 | विज्ञान एड्सःउत्तर भारत पर ध्यान ज़रूरी07 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस बीबीसी-बॉलीवुड एड्स पर साथ-साथ09 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस एड्स से चिंतित चर्च की मनोरंजक पहल16 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन भारत में एड्स के ख़िलाफ़ संयुक्त मुहिम23 जून, 2006 | भारत और पड़ोस समलैंगिकों ने बनाया स्वयं सहायता समूह30 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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