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तिमाही नतीजे में विप्रो का मुनाफ़ा बढ़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की तीसरी बड़ी सॉफ़्टवेयर निर्यात करने वाली कंपनी विप्रो लिमिटेड के तिमाही नतीजों में 34 फ़ीसदी का मुनाफ़ा बढ़ा है. इस आधार पर कंपनी का सालाना मुनाफ़ा 26.9 प्रतिशत बढ़ा है. बंगलौर स्थित इस कंपनी ने जानकारों के आकलन को ग़लत साबित करते हुए ये मुनाफ़ा हासिल किया है. आउटसोर्सिंग के बाज़ार में आई तेज़ी के मद्देनज़र कंपनी का राजस्व बढ़कर दो अरब डॉलर के स्तर को भी पार कर गया है. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध विप्रो की शुद्ध आय मार्च 2006 तक के वित्तीय वर्ष में बढ़कर 20 अरब 70 लाख रुपए हो गई है. पिछले साल इसी अवधि में यह आय 16 अरब 30 लाख रुपए थी. विप्रो के क्लाइंट में जनरल मोटर्स, माइक्रोसॉफ़्ट जैसी कंपनियाँ शामिल हैं. कंपनी के राजस्व में भी 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है. अब यह 106.26 अरब रुपए हो गया है. हाल ही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इन्फ़ोसिस ने भी अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की थी. टीसीएस का प्रदर्शन बाज़ार के आकलन के मुताबिक़ ही हुआ था. जबकि इन्फ़ोसिस का प्रदर्शन अपेक्षा से थोड़ा कम रहा था. विप्रो के 84 प्रतिशत शेयरों के मालिक अज़ीम प्रेमजी ने बताया कि मार्च में ख़त्म हुई तिमाही में कंपनी ने अपने हिस्से में 42 नए क्लाइंट जोड़े. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत में कंप्यूटर बिक्री 36 प्रतिशत बढ़ी06 जनवरी, 2006 | कारोबार गूगल और एओएल ने मिलाए हाथ21 दिसंबर, 2005 | कारोबार माइक्रोसॉफ़्ट भारत में 1.7 अरब डॉलर लगाएगा07 दिसंबर, 2005 | कारोबार भारत में एक अरब डॉलर लगाएगा इंटेल05 दिसंबर, 2005 | कारोबार इन्फ़ोसिस का मुनाफ़ा 49 प्रतिशत बढ़ा12 अक्तूबर, 2004 | कारोबार इन्फ़ोसिस का मुनाफ़ा 33 फ़ीसदी बढ़ा10 अक्तूबर, 2003 को | कारोबार नए अमरीकी क़ानून से भारत को निराशा25 जनवरी, 2004 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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