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इन्फ़ोसिस का मुनाफ़ा 49 प्रतिशत बढ़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सूचना टेक्नॉलॉजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इन्फ़ोसिस ने इस तिमाही में भारी मुनाफ़ा कमाया है. कंपनी का कहना है कि साल की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफ़ा साढ़े चार अरब रूपए रहा, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के मुक़ाबले 49 प्रतिशत अधिक है. कंपनी का कारोबार भी पिछले वर्ष की तुलना में 52 प्रतिशत बढ़कर 17.5 अरब रूपए तक जा पहुँचा है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी नंदन नीलेकेनी ने कहा है कि दुनिया में जारी आउटसोर्सिंग के 'मेगा ट्रेंड' के कारण ही कंपनी को इतना भारी मुनाफ़ा हुआ है. दुनिया की कई प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने कंप्यूटरों और सॉफ्टवेयरों की देखरेख का ठेका इन्फ़ोसिस को दिया हुआ है. भारत के तकनीकी कौशल और कम वेतन पर काम करने के लिए उपलब्ध पेशेवर लोगों की मौजूदगी के कारण आउटसोर्सिंग का चलन तेज़ हुआ है. सॉफ्टवेयर के निर्यात में लगी कंपनी इन्फ़ोसिस का कहना है कि पिछली तिमाही में उसने 32 नए अनुबंध हासिल किए हैं. फ़ायदा इन्फ़ोसिस के प्रमुख का कहना है कि कंपनी को 71 अरब रूपए से अधिक का वार्षिक लाभ होने की उम्मीद है जबकि पिछले वर्ष यह रक़म 67 अरब रूपए थी. इन्फ़ोसिस ने वर्ष की दूसरी तिमाही में पाँच हज़ार से अधिक नए लोगों को रोज़गार दिया है, कंपनी के अलग-अलग दफ़्तरों में काम करने वाले लोगों की कुल संख्या लगभग 33 हज़ार है. इन्फ़ोसिस को बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के लिए सॉफ्टवेयर डिज़ाइन करने में महारत हासिल है और उसके ग्राहकों में बड़ी यूरोपीय कंपनियाँ प्रमुख हैं. कंपनी का मुख्यालय बंगलौर में है और उसके बड़े दफ़्तर चेन्नई, पुणे और हैदराबाद में भी हैं. |
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