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भारत में एक अरब डॉलर लगाएगा इंटेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया में कंप्यूटर चिप बनानेवाली सबसे बड़ी कंपनी इंटेल भारत में अगले पाँच वर्षों में एक अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है. कंपनी इसमें से 80 करोड़ डॉलर शोध और विकास के काम को तेज़ करने के क्षेत्र में लगाएगी जबकि बाक़ी राशि कंपनी में निवेश के लिए ख़र्च की जाएगी. इंटेल ने बंगलौर में अपना शोध और विकास का केंद्र खोल रखा है जहाँ कंपनी के माइक्रोचिप, कंप्यूटरों और नेटवर्कों को चलाने के लिए सॉफ़्टवेयर बनाए जाते हैं. इंटेल आदि बड़ी कंपनियाँ पिछले कुछ समय से भारत में अपना काम बढ़ा रही हैं क्योंकि भारत में अमरीका की अपेक्षा ख़र्च काफ़ी कम बैठता है. ऐसा अनुमान है कि भारत में एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर की औसत आय, अमरीका में उसके समकक्ष से छह गुना कम बैठती है. भारत में इंटेल बंगलौर में अमरीकी कंपनी इंटेल की शाखा अमरीका से बाहर कंपनी की ऐसी सबसे बड़ी शाखा है जहाँ शोध और विकास जैसे ग़ैर-उत्पादक काम होते हैं. इंटेल के चेयरमैन क्रेग बैरेट ने सोमवार को दक्षिण एशिया की अपनी यात्रा के दौरान नए निवेश की योजना की घोषणा की. क्रेग बैरेट ने कहा,"हम स्थानीय काम फ़ैलाएँगे, पूँजीगत निवेश को बढ़ाएँगे और सरकारों, उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम करेंगे". कंपनी भारत में कंप्यूटर चिप्स का निर्माण करने की भी योजना बना रही है लेकिन अभी इसपर कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है. क्रेग बैरेट ने बताया,"हम भारत में अपनी एक उत्पादन शाखा खोलने के लिए भारत सरकार से संभावनाओं के बारे में बात कर रहे हैं". कंपनी के अनुसार अगर कंपनी के भारत में कंप्यूटर चिप बनाना शुरू करने पर सहमति होती है तो भी ये तय होना बाक़ी है कि ये काम कब शुरू किया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'विंडोज़ विस्टा' 2006 में बाज़ार में आएगा24 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना एएमडी ने इंटेल पर मुकदमा ठोका28 जून, 2005 | कारोबार मीलों के दायरे में वायरलेस ब्रॉडबैंड19 अप्रैल, 2005 | विज्ञान ऑस्ट्रेलियाई कंपनी को ख़रीदेगी इंफ़ोसिस18 दिसंबर, 2003 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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