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मीलों के दायरे में वायरलेस ब्रॉडबैंड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टेक्नॉलॉजी कंपनी इंटेल ने अपने वायरलेस इंटरनेट के क्षेत्र में अपना अगला क़दम बढ़ाते हुए वाइमैक्स का परीक्षण शुरू किया है. वाइमैक्स के ज़रिए मीलों दूर से ब्रॉडबैंड कनेक्शन काम कर सकेंगे, यह वाई-फाई (वायरलेस इंटरनेट) टेक्नॉलॉजी के सीमित रेंज के मुक़ाबले बहुत अधिक कारगर होगी. इंटेल ने बताया है कि वह दुनिया की कई दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर इस टेक्नॉलॉजी का परीक्षण कर रही है. माना जा रहा है कि इस तकनीक से भविष्य में मोबाइल टेलीफ़ोन नेटवर्कों के लिए एक ज़ोरदार प्रतिद्वंद्वी तैयार हो सकता है. इंटेल का मानना है कि वह वाइमैक्स टेक्नॉलॉजी उसी तरह प्रसार करेगी जिस तरह सेंटरीनो ने वाई-फ़ाई का किया है. लैपटॉप कंप्यूटरों के अंदर वाई-फ़ाई चिप लगाने के इंटेल के फ़ैसले से दुनिया भर में वाई-फ़ाई नेटवर्क तेज़ी से फैले. इंटेल का कहना है कि अभी परीक्षण चल रहा है और वाइमैक्स को इस वर्ष बाज़ार में नहीं उतारा जाएगा. वाइमैक्स सिग्नल ग्रहण करने के लिए लैपटॉप में इंटेल के जो चिप लगाए जाएँगे उसका नाम रोज़डेल रखा गया है. अंतर वाइमैक्स वाई-फ़ाई इस मायने में अलग है कि उसका दायरा बहुत बड़ा है, वाई-फ़ाई के ज़रिए हवाई अड्डों, दफ़्तरों और होटलों में इंटरनेट की सुविधा दी जाती है. लेकिन वाइमैक्स के ज़रिए एक पूरे शहर के दायरे में इटंरनेट की सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है. इंटेल का कहना है कि अगर हर जगह वायरलेस इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध होने लगे तो कंप्यूटर इस्तेमाल करने वालों को एक जगह बंधे रहने की ज़रूरत ख़त्म हो जाएगी जो किसी क्रांति से कम नहीं होगी. |
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