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इंटरनेट पर दोस्ती और प्यार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि ऑनलाइन पर रोमांस करने वालों को ख़ासी सफलता मिलती है और कई मामलों में इंटरनेट पर बने दोस्त जीवनसाथी भी बन जाते हैं. ब्रिटेन की ऑनलाइन डेटिंग एजेंसी के 94 प्रतिशत ग्राहकों का कहना है कि इंटरनेट पर मित्रता के बाद जब उनकी पहली मुलाक़ात हुई तो बात आगे बढ़ती गई. बाथ विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिक जैफ गैविन ने 229 लोगों से इस बारे में पूछताछ कर ये रिपोर्ट तैयार की है. जैफ का कहना है कि ऑनलाइन पर हुई मित्रता के बाद बात आगे बढ़ती है. गैविन ने बीबीसी को बताया कि सर्वे में हिस्सा लेने वाले चार प्रतिशत लोग शादीशुदा थे. ऑनलाइन रोमांस ब्रिटेन में इंटरनेट डेटिंग एजेंसियों पर क़रीब 60 लाख लोग पंजीकृत हैं यानी इतने लोग इंटरनेट पर प्रेम खोजने की कोशिश में लगे हुए है. गैविन के अनुसार ऑनलाइन पर सिर्फ मित्रता ही हो पाती है लेकिन अगर वो एक बार मिलते हैं तो बात आगे बढ़ती है. गैविन का कहना है कि लोग अगर गंभीर संबंधों की खोज में रहते हैं तो ऑनलाइन पर खुल कर बात नहीं करते बल्कि पहली फुर्सत में मुलाक़ात तय करते हैं. कई मामलों में ये मुलाक़ात पहली तक सीमित नहीं रहती. हालांकि ऑनलाइन का इस्तेमाल करने वाले केवल नौ प्रतिशत लोग ही वेबकैम का प्रयोग करते हैं. वेबकैम के ज़रिए आप उस व्यक्ति को देख सकते हैं जिससे आप बात कर रहे हैं. डॉ गैविन कहते हैं " मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि अभी भी मित्रता के पारंपरिक पहलू कितने महत्वपूर्ण हैं. " दोस्ती भले ही ऑनलाइन पर हो जाए, मित्रता के लिए मुलाक़ात अहम होती है. उनका कहना है कि जो लोग पत्र लिखते हैं या उपहार भेजते हैं उनके संबंध अपने दोस्तों से बहुत प्रगाढ़ हो जाते हैं. गैविन बताते हैं कि ऑनलाइन के ज़रिए बने प्रेम संबंध एक साल से कम ही चले हैं जबकि जिन लोगों ने इसे पारंपरिक मोड़ दिया यानी ख़त, उपहार और अक्सर मुलाक़ातों तक ले गए उन्हें सफलता मिली है. |
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