|
ताजमहल के 350 साल पर समारोह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर में प्रेम का प्रतीक माने जाने वाले, आगरा के ताजमहल को बने 350 साल हो गए हैं. मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने इस मक़बरे को अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था. इसका निर्माण 1631 में शुरू हुआ और बीस हज़ार लोगों की मेहनत से यह 1653 में बन कर तैयार हुआ था. आज भी रोज़ाना हज़ारों पर्यटक और प्रेमी, देश विदेश से प्रेम और समर्पण के इस प्रतीक को देखने के लिए आते हैं. ताजमहल के साढ़े तीन सौ साल पूरे होने पर आगरा में समारोहों का सिलसिला शुरू हो रहा है. लेकिन प्रदूषण और दूसरे ख़तरों से इस नायाब इमारत को बचाए रखने के लिए समारोह ताजमहल से कुछ दूरी पर हो रहे हैं.
इस अवसर पर कबूतरों को आसमान में छोड़ा जाएगा और फिर पतंगबाज़ी की प्रतियोगिता होगी. विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर सोमवार को ही वहाँ शाम को संगीत समारोह का आयोजन किया जाएगा. इसके दौरान संभावना है कि पाकिस्तान के मशहूर ग़ज़ल गायक गुलाम अली और संतूरवादक पंडित शिवकुमार शर्मा अपनी कला का जादू दिखाएँगे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||