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एएमडी ने इंटेल पर मुकदमा ठोका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
माइक्रोप्रोसेसर चिप बनाने वाली कंपनी एएमडी ने चिप बाज़ार पर वर्चस्व रखने वाली अपनी प्रतिद्वंद्नी इंटेल के ख़िलाफ़ एकाधिकार का दुरुपयोग करने का मुक़दमा दायर कर दिया है. एमडी ने आरोप लगाया है कि इंटेल ग्राहकों पर दबाव डाल रही है कि वे एएमडी की माइक्रोप्रोसेसर चिप न ख़रीदें. एएमडी का कहना है कि उसने इस मामले में 38 कंपनियों से सबूत जुटाए हैं. यह मामला X86 माइक्रोप्रोसेसर चिप को लेकर उठा है जिनका इस्तेमाल कंप्यूटरों में माइक्रोसॉफ़्ट विंडोज़, सोलेरिस और लिनॉक्स ऑपरेटिंग सिस्टम्स चलाने में होता है. इस मामले में इंटेल से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है. एएमडी ने यह मुक़दमा डेनवर राज्य की अदालत में दायर किया है. वर्चस्व एएमडी के अध्यक्ष हेक्टर रुइज़ ने कहा है, विश्व में हर जगह ग्राहकों को अपने लिए चीज़ें चुनने की आज़ादी होनी चाहिए और टेक्नॉलॉजी में हो रहे सुधारों का लाभ उन तक पहुंचना चाहिए. और माइक्रोप्रोसेसर के ज़रिये इन्हें चुराया जा रहा है. विश्व के बाज़ार में जहां तक x86 की बिक्री की बात है इंटेल की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत की है. एक स्वतंत्र कंपनी रिसर्च कंपनी मर्क्यूरी की रिपोर्ट के अनुसार पीसी कंप्यूटर प्रोसेसर के बाज़ार में 82 प्रतिशत हिस्सा इंटेल का है और केवल 17 प्रतिशत एएमडी का. एएमडी का आरोप है कि इंटेल अपनी ताक़त का इस्तेमाल कर ग्राहक कंपनियों को सिर्फ़ इंटेल की बनी चिप ख़रीदने पर मजबूर कर रहा है. |
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