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शेयर बाज़ार रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय शेयर बाज़ार ने शुक्रवार को 8863 की नई ऊंचाई छुई और 8853 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ. इसके पहले शेयर बाज़ार ने पाँच अक्तूबर को 8821 के स्तर को छुआ था. शेयर बाज़ार गुरुवार को 8744 अंक पर बंद हुआ था और शुक्रवार को यह और ऊंचाई पर जा पहुँचा. पिछले कुछ दिनों से सेंसेक्स 8700 के स्तर के आसपास रहा है. लेकिन पहली बार वह 8853 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँचा पाया है. माना जा रहा है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की ख़रीददारी के कारण यह बढ़त देखी गई. ऑटोंमोबाइल, सीमेंट, बैंकिंग, इंजीनियरिंग, उर्वरक, तकनीकी, ढांचागत और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेज़ी देखी गई. सेंसेक्स में शामिल 30 में 21 शेयरों में यह बढ़ोत्तरी देखी गई. इस बढ़त में बीएचईएल, हिंदुस्तान लीवर, एचडीएफसी, रेनबैक्सी लेबोरेट्रीज़, इन्फ़ोसिस टेक्नोलॉज़ीस, लार्सन ऐंड टुब्रो, मारुति उद्योग, सत्यम, आईटीसी और भारती टेलिवेंचर्स का योगदान रहा. ग़ौरतलब है कि कुछ समय पहले ऐसी ख़बरें आईं थीं कि सरकार शेयर बाज़ार की बढ़त को लेकर चिंतित हैं और उस पर नज़र रखे हुए है. इसके बाद शेयर बाज़ार में गिरावट आ गई थी. लेकिन सरकार ने उन ख़बरों को आधारहीन करार दिया था. उसके बाद से शेयर बाज़ार में एक बार फिर तेज़ी का रुख़ है. | इससे जुड़ी ख़बरें शेयर बाज़ार 8800 के ऐतिहासिक स्तर पर04 अक्तूबर, 2005 | कारोबार निवेशकों को आश्वस्त करने के प्रयास23 सितंबर, 2005 | कारोबार गिरावट के बाद संभला शेयर बाज़ार21 सितंबर, 2005 | कारोबार 'शेयरों में फिर उछाल पर चिंताएँ निराधार'19 सितंबर, 2005 | कारोबार मुंबई शेयर बाज़ार में रिकॉर्ड उछाल03 अगस्त, 2005 | कारोबार बाढ़ के कारण भारी आर्थिक नुक़सान02 अगस्त, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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