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गिरावट के बाद संभला शेयर बाज़ार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई शेयर बाज़ार में हाल के दिनों में आई तेज़ी की जाँच कराने की सरकार की घोषणा के बाद बुधवार को बाज़ार कुछ धीमा हुआ और सूचकांक में 235 अंकों की गिरावट आई. लेकिन बाद में सेंसेक्स में सुधार आया और वह 8487.41 अंकों पर बंद हुआ. इसके पहले सेंसेक्स मंगलवार को 8500 की ऐतिहासिक ऊँचाई पर बंद हुआ था जैसे ही बुधवार को बाज़ार खुला उसके तुरंत बाद बिकवाली के कारण शेयर बाज़ार में गिरावट देखी गई. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बिकवाली के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज़, मारुति उद्योग, बजाज ऑटो, बीएचईएल, ग्रासिम, एचडीएफसी, हीरो होंडा, टाटा मोटर्स में तेज़ी से गिरावट देखी गई. इसके पहले ख़बर आई थी कि शेयर बाज़ार की तेज़ी के मद्देनज़र वित्त मंत्रालय और प्रत्यक्ष कर विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई. बाज़ार पर नियंत्रण रखनेवाली संस्था सेबी भी बाज़ार की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है. सूचकांक के लगातार बढ़ने पर चिंता व्यक्त की जा रही थी लेकिन भारतीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि चिंता का कोई कारण नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 'कोई घोटाला नहीं होने वाला है.' चिदंबरम का कहना था कि जब तक कंपनियों की कार्यकुशलता ठीक है, तब तक सब ठीक है. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि सरकार की नज़र शेयर बाज़ार पर है ताकि वह व्यवस्थित ढ़ंग से काम करे. |
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