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'शेयरों में फिर उछाल पर चिंताएँ निराधार' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सोमवार को बॉम्बे शेयर बाज़ार के तीस शेयरों के सूचकांक में नया उछाल आया है और वह रिकॉर्ड 8444 अंक तक जा पहुँचा है. कई हलकों में सूचकांक के लगातार बढ़ने पर चिंता व्यक्त की जा रही है लेकिन भारतीय वित्त मंत्री का मानना है कि चिंता का कोई कारण नहीं है. शुक्रवार को शेयर बाज़ार 8380 पर बंद हुआ था और इस तरह उसमें लगभग 63 अंकों का उछाल आया है. लेकिन भारत के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ज़ोर देकर कहा है कि 'कोई घोटाला नहीं होने वाला.' उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीई को बताया, "चिंता करने का कोई कारण नहीं है. मैं उन ख़बरों का खंडन करता हूँ जिनमें चिंताएँ जताई गई हैं." उनका कहना था कि उनका ध्यान केवल शेयर के दाम और उस पर हो रही आमदनी पर हैं. वित्त मंत्री का कहना था कि जब 1999-2000 में शेयर बाज़ार गिरा था तब ये एक शेयर पर 30, 35 या 40 थी लेकिन अब ये केवल 16.5 है. उनका कहना है कि जब तक ये चिंताजनक नहीं और कंपनियों की कार्यकुशलता ठीक है, तब तक सब ठीक है. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि सरकार का नज़र शेयर बाज़ार पर है ताकि वह व्यवस्थित ढ़ंग से काम करे. |
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