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बाढ़ के कारण भारी आर्थिक नुक़सान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई और आसपास के इलाक़ों में भारी बारिश और बाढ़ से लगभग तीस अरब रुपए का नुक़सान होने का अनुमान है. विश्लेषकों का कहना है कि कृषि और उद्योगों को और भी ज़्यादा नुक़सान उठाना पड़ सकता है. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि मरनेवालों की संख्या बढ़कर एक हज़ार तक पहुँच सकती है. राहतकर्मी अब भी बाढ़ प्रभावित इलाक़ों से शव निकालने में लगे हुए हैं. एक सप्ताह चली बारिश से लगभग दो करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं.मौसम विभाग ने महाराष्ट्र में अभी और बारिश की भविष्यवाणी की है. विश्लेषकों का कहना है कि भारी बारिश और बाढ़ से कृषि उत्पादन और उद्योगों पर सीधा असर पड़ा है. आयात- निर्यात का प्रमुख केंद्र माना जानेवाला मुंबई बंदरगाह कई दिनों बंद रहा. इसके अलावा हवाई अड्डा और मुंबई शेयर बाज़ार भी भारी बारिश और बाढ़ के कारण बंद करना पड़ा था. इकॉनोमिक टाइम्स अख़बार के अनुसार भारतीय उद्योग संगठनों ने 30 अरब रुपए के नुक़सान का अनुमान लगाया है. मुंबई चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री ने 40 अरब रुपए के नुक़सान का आकलन किया है. साथ ही उसका मानना है कि नुक़सान इससे कहीं ज़्यादा हो सकता है. मुंबई चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री के अभीक बरुआ ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया,''आकलन में बेहद सावधानी बरतने की ज़रूरत है. नुक़सान 40 अरब रुपए से अधिक हो सकता है.'' महाराष्ट्र चीनी और तिलहन का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है और बाढ़ से इसको भारी नुक़सान होने का अनुमान है. रिकॉर्ड दावे इसके अलावा दवा और ऑटोमोबाइल उद्योग को भी बड़ा झटका लगा है. बारिश के कारण अनेक गोदामों में पानी भर गया है और माना जा रहा है कि यदि और बारिश हुई तो दवाइयों की कमी हो सकती है.
बारिश के कारण बीमा के रिकॉर्ड दावे सामने आए हैं. भारत की निजी बीमा कंपनियों- आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, इफ़्को-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस, बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस और टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस को नुक़सान के 10 अरब रुपए के दावे मिले हैं. राज्य सरकार ने हर गाँव के लिए 20 लाख रुपए की प्रारंभिक सहायता राशि की घोषणा की है. अनेक गाँवों में बाढ़ के कारण फ़सल पूरी तरह नष्ट हो गई है. इस समय सरकार का राजस्व विभाग बाढ़ के कारण हुए नुक़सान के आकलन में जुटा है. केंद्र सरकार ने तात्कालिक सहायता के रूप में महाराष्ट्र को 500 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है. बाद में और सहायता राशि दी जाएगी. |
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