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मुंबई में बारिश जारी, राहत कार्य प्रभावित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और आसपास के इलाक़ों में एक बार फिर लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन बदहाल कर दिया है. मानसून की भारी बारिश के कारण कई इलाक़ों में बाढ़ का ख़तरा बढ़ गया है. रविवार सुबह से ही हो रही बारिश सोमवार को भी जारी है. पिछले सप्ताह मंगलवार से शुरू हुई भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र में अभी तक 950 लोग मारे जा चुके हैं. बारिश के कारण महाराष्ट्र को अरबों डॉलर का नुक़सान हो चुका है और दो करोड़ से ज़्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं. राहत कार्य में लगे कर्मचारियों का कहना है कि बारिश के कारण उनके काम में मुश्किलें आ रहीं हैं. भारी बारिश के कारण एक सप्ताह के अंदर अधिकारियों ने दूसरी बार स्कूल और कॉलेज बंद करने की घोषणा की है. मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को भी पूरे दिन बारिश जारी रहेगी. यातायात प्रभावित मुंबई में अधिकारियों ने स्कूल और कॉलेज को बंद करने की घोषणा की है लेकिन सरकारी दफ़्तर खुले हुए हैं. लेकिन बारिश के कारण सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति काफ़ी कम है.
लगातार हो रही बारिश के कारण मुंबई की यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है और राहत कार्य भी रुका पड़ा है. शहर के ज़्यादातर हिस्सों में बिजली-पानी की समस्या भी है और क़रीब एक सप्ताह से यहाँ लोगों को बिजली और पानी नहीं मिल रही है. हज़ारों लोग तो अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं क्योंकि मुंबई में कई इलाक़े ऐसे हैं जहाँ घरों में पानी भरा हुआ है. ग़ैर सरकारी संगठन (एनजीओ) राहत कार्य में सरकारी कर्मचारियों का हाथ बँटा रहे हैं. मुंबई की कई झुग्गी बस्तियों में सरकारी राहत अभी तक नहीं पहुँच पाई है. लेकिन इसका ज़िम्मा संभाल है ग़ैर सरकारी संगठनों ने. यहाँ के लोग सरकार के रुख़ से नाराज़ हैं. उनका कहना है कि अभी भी कई शव पानी में तैर रहे हैं और सरकार की ओर से उन्हें हटाने के लिए कोई क़दम नहीं उठाए जा रहे हैं. मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी स्थिति बेहतर नहीं है. ज़मीन धँसने की घटनाओं में कई लोग मारे गए हैं. राहत कार्य में लगे कर्मचारी अन्य इलाक़ों में भी शव निकालने का काम कर रहे हैं. |
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