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महाराष्ट्र में बाढ़ से तबाही, 200 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र में अधिकारियों का कहना है कि तेज़ बारिश के कारण आई बाढ़ में 200 लोग मारे गए हैं और 100 से ज़्यादा लापता हैं. राज्य के उप मुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने बीबीसी को बताया कि इनमें से अकेले राजधानी मुंबई में ही 83 लोग मारे गए. अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को हुई बारिश एक दिन के दौरान भारत में हुई सबसे ज़्यादा बारिश थी. बारिश के कारण मुंबई शहर अस्तव्यस्त है. स्कूल बंद हैं और सरकारी दफ़्तरों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है. बांबे स्टॉक एक्सचेंज में भी कामकाज धीमा रहा. आशंका राहत और बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया है. उप मुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने बताया कि बाढ़ में मरने वालों की संख्या और ज़्यादा हो सकती है.
उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य में लगी टीम लोगों तक खाना और पानी पहुँचा रही है. ज़्यादातर लोगों की मौत डूबने के कारण हुई है जबकि कुछ लोग ज़मीन धँसने के कारण मारे गए. मुंबई के अलावा राज्य के सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िले हैं रायगढ़ और रत्नागिरि ज़िले. राहत कार्यों के प्रभारी अधिकारी कृष्ण वत्स ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि कई गाँवों तक राहत कार्य नहीं पहुँच पाया है और आशंका है कि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं. लगातार दूसरे दिन मुंबई आने वाली और मुंबई से जाने वाली सभी उड़ाने रद्द कर दी गई हैं. रनवे पर पानी जमा है और कई कर्मचारी बारिश के कारण काम पर नहीं आ सके हैं. मंगलवार दोपहर से फँसे लोगों की सहायता के लिए नौसेना को बुलाया गया. मुंबई से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद का कहना है कि शहर की ज़्यादातर सड़कों पर गाड़ियाँ फँसी पड़ी हैं और कई लोगों ने अपनी गाड़ियों में ही रात बिताई. आकलन है कि बारिश के कारण राज्य को 11 करोड़ डॉलर का नुक़सान हुआ है. मोबाइल फ़ोन नेटवर्क भी ठीक तरह से काम नहीं कर रहे हैं. |
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