|
आंध्र में बारिश से जनजीवन प्रभावित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ है. पानी की वजह से सड़क मार्ग बंद हो गए हैं और लगभग 25 ट्रेनों का समय बदलना पड़ा है. वहाँ अबतक आठ लोगों की जानें बारिश के कारण जा चुकी है. बारिश के कारण कई जगह पटरियाँ बह गई हैं और एक जगह पुल बह जाने के कारण गोदावरी एक्सप्रेस को रोकना पड़ा है. हैदराबाद और विशाखापट्टनम के बीच चल रही ट्रेनें 12 घंटों से ज़्यादा विलंब से चल रही हैं. अधिकारियों के हवाले से बीबीसी संवाददाता ऊमर फ़ारूक़ ने कहा है कि अब चूंकि बारिश रुक गई है, स्थिति में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद हैं. गुजरात में केंद्रीय दल पिछले हफ़्ते भारी बाढ़ की चपेट में आए गुजरात में स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से तीन दल पहुँचने वाले हैं.
तीनों दल राज्य के अलग-अलग इलाक़ों का चार दिनों तक दौरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देंगे, जिसके आधार पर राज्य को सहायता मुहैया करवाई जाएगी. अधिकारियों के अनुसार ये सभी दल 13 जुलाई को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने राज्य को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 500 करोड़ रुपए पहले ही दे दिए हैं. यमुना में जलस्तर बढ़ा भारी बारिश के बाद हरियाणा के हथिनीकुंड बाँध से पानी छोड़ना पड़ा है और इसकी वजह से यमुना में जल स्तर बढ़ गया है. अधिकारियों के अनुसार यमुना में पानी ख़तरे के निशान से कुछ नीचे बह रहा है. यमुना में जल स्तर बढ़ने के कारण निचले इलाक़ों में पानी भर गया है और झुग्गियों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाना पड़ा है. दिल्ली की मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा करने के लिए मंत्रिमंडल की एक आपात बैठक भी बुलाई थी. दस लाख विस्थापित इसके अलावा उत्तराँचल की कई नदियों में जलस्तर बढ़ने की ख़बरें मिल रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि भागीरथी, अलकनंदा और पिंदार नदियों में पानी ख़तरे के निशान तक पहँच चुका है. प्रशासन आपात स्थिति से निपटने की तैयारियाँ कर रहा है. उधर पूर्वी मध्यप्रदेश के दस ज़िले अभी भी बाढ़ से जूझ रहे हैं. इन ज़िलों में कोई दस लाख लोगों को विस्थापित करना पड़ा है और कई लोगों की मौत हुई है. बीबीसी के भोपाल संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली के अनुसार मौसम विभाग ने इन इलाक़ों में और बारिश के चेतावनी दी है जिससे बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह सिर्फ़ पूर्वी मध्यप्रदेश की स्थिति है क्योंकि प्रदेश के कई इलाक़ों में अभी भी लोग बारिश का इंतज़ार कर रहे हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||