|
सेना बचाव कार्य में जुटी, 132 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में आए भीषण बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 132 तक पहुँच गई है. इस बीच प्रशासन और सेना का पूरा ज़ोर बचाव पर केंद्रित हो गया है. रविवार को खेड़ा और आणंद ज़िलों में चार जगहों पर वायुसेना हेलिकॉप्टरों की सहायता से लोगों को बचाया गया.. हेलिकॉप्टर अभी भी बचाव कार्य में लगे हुए हैं. इसके अलावा सेना की नौकाएँ भी बचाव कार्य में लगी हुई हैं. अब तक चार लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जा चुका है. बीबीसी से गुजरात संवाददाता राजीव खन्ना के अनुसार इस समय बारिश रूक गई है और पानी धीरे-धीरे घट रहा है.
कई दिनों के बाद अहमदाबाद और वडोदरा के बीच एक्सप्रेस हाइवे (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8) को बसों और छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है. लेकिन खेड़ा और आणंद के गाँवों में अभी भी पानी भरा हुआ है और इन ज़िलों का एक बड़ा हिस्सा कटा हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि इन इलाक़ों में अभी भी सैकड़ों लोग फँसे हो सकते हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लोग अपना सामान और जानवरों को लेकर सड़कों के किनारे आ गए हैं क्योंकि वही एक जगह बची है जहाँ पानी नहीं है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||