| नर्मदा में डूबने वालों की संख्या 62 हुई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य प्रदेश में गोताख़ोरों ने नर्मदा नदी से और लाशें निकाली हैं जिसके बाद नदी में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 62 हो गई है. मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि गोताख़ोर अब और 45 लोगों की तलाश कर रहे हैं जो लापता हैं. लगभग तीन श्रद्धालु नर्मदा नदी के किनारे पूजा कर रहे थे और नहा रहे थे जब देवास के पास पानी तेज़ी से बढ़ गया और देखते-देखते लोग कई लोग उसमें बह गए. पानी में फूल चुकी लाशों की पहचान करना भी मुश्किल काम हो गया है. जिन लोगों की लाशों की पहचान हो गई है उनका अंतिम संस्कार नदी के किनारे ही किया जा रहा है. राज्य के मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर घटनास्थल पर पहुँच गए हैं जहाँ उन्होंने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है. उन्होंने इस घटना की जाँच के आदेश भी दिए हैं, उन्होंने कहा है कि लापरवाही करने वालों बख़्शा नहीं जाएगा. लापरवाही राज्य सरकार का कहना है कि पास के एक बाँध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण ही नदी का जलस्तर बढ़ गया था. बाँध पर नियंत्रण बिजली बनाने वाली एक कंपनी का है जिसका कहना है कि इस मामले में उसकी कोई ग़लती नहीं है. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि पानी छोड़े जाने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी जबकि बिजली बनाने वाली कंपनी कहती है कि यह आरोप ग़लत है. कंपनी का कहना है कि प्रशासन को पानी छोड़े जाने की पूरी जानकारी थी क्योंकि पानी छोड़ने का काम पिछले दो दिनों से जारी था. |
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