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गुजरात के लिए सहायता पैकेज घोषित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने गुजरात के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा करने के बाद 500 करोड़ रुपए की सहायता राशि की घोषणा की है. इस बीच राज्य में भयकर बाढ़ में मारे गए लोगों की संख्या 124 हो गई है और राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में क़रीब चार लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है. पाटिल का कहना था कि राज्य की ज़रूरतों के हिसाब से और सहायता राशि घोषित की जा सकती है. गृह मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार उत्तर पूर्व राज्यों से 40 नौकाएँ मंगवाकर गुजरात को उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है. बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित मध्य गुजरात के वडोदरा, आणंद और खेड़ा ज़िले हुए हैं. गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात की बाढ़ को 'आसमानी सूनामी' क़रार दिया है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग कि पिछले साल दिसंबर में दक्षिण भारत में आए सूनामी के दौरान जैसी सहायता प्रदान की गई थी, वैसी ही सहायता गुजरात को दी जाए. नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो बारिश चार महीने में होती थी, वह चार दिनों में हो गई है. आश्वासन इधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुजरात में बाढ़ की गंभीर स्थिति के मद्देनज़र पूरी केंद्रीय सहायता का भरोसा दिलाया है. उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफ़ोन पर बातचीत भी की. भारी बारिश के कारण राज्य के कई इलाक़ों में पानी भर गया है. दक्षिणी गुजरात में बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित वडोदरा, सूरत और आणंद ज़िलों में सहायता के लिए सेना को बुलाया गया है. सूरत, नवसारी और बलसाड ज़िले के कई इलाक़ों में रेड एलर्ट घोषित कर दिया गया है क्योंकि इन इलाक़ों में भी नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है. मुंबई स्थिति पश्चिमी रेलवे के अधिकारियों ने कहा है कि रेल पटरियों पर पानी जमा हो जाने के कारण उन्होंने लंबी दूरी की 12 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया है. वडोदरा से हवाई सेवा भी रोक दी गई है क्योंकि हवाई अड्डे के रनवे पर भी पानी भर गया है. |
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