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सतलुज में जलस्तर बढ़ा, रेड अलर्ट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिमाचल में सतलुज नदी में जल स्तर एकाएक बढ़ जाने की वजह से कई गाँवों को एहतियातन खाली करवाया गया है और सिल्ट यानी पानी के साथ आने वाली मिट्टी की वजह से नाथपा-झाखरी पनबिजली संयंत्र को बंद करना पड़ा है. अधिकारियों का कहना है कि तिब्बत के पेर्चु झील में जल स्तर बढ़ जाने और कई सहायक नदियों में पानी चढ़ जाने की वजह से सतलुज में बाढ़ की स्थिति बनी है. उनका कहना है कि इस साल ज़्यादा बर्फ़ पड़ी थी और इस समय पड़ी गर्मी की वजह से बर्फ़ पिघल गई और पानी का स्तर बढ़ गया. राज्य सरकार ने एतिहात के तौर पर कई क़दम उठाए हैं. अधिकारियों के अनुसार किन्नौर, रामपुर, मंडी और बिलासपुर के इलाक़ों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है. राज्य के वरिष्ठ अधिकारी सुरजीत सिंह परमार ने कहा है, "हम बढ़ते जल स्तर पर नज़र रखे हुए हैं और ज़रुरत हुई तो सहायता के लिए सेना को बुलाया जाएगा." नाथपा संयंत्र बंद राज्य की ऊर्जा मंत्री विद्या स्टोक्स ने बीबीसी संवाददाता रेहान फ़ज़ल से हुई बातचीत में कहा कि संयंत्र को बाढ़ की वजह से नहीं बल्कि सिल्ट यानी गाद के कारण बंद किया गया है. उन्होंने बताया कि संयंत्र शनिवार की रात साढ़े दस बजे बंद किया गया और यदि सब कुछ ठीक रहा तो सिल्ट कम होने के बाद सोमवार तक इसे खोल दिया जाएगा. उल्लेखनीय है कि नाथपा-झाखरी परियोजना देश की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना है. |
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