|
बांग्लादेश में बाढ़ से 500 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश सरकार का कहना है कि देश में बाढ़ के कारण मरनेवालों की संख्या लगभग 500 हो गई है. सरकार का कहना है कि बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है मगर देश के मध्य में स्थित चार ज़िलों में हालात गंभीर बने हुए हैं जिनमें राजधानी ढाका भी शामिल है. इस बीच वहाँ बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जारी अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र का एक दल बांग्लादेश का दौरा कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र का यह विशेषज्ञ दल बाढ़ पीड़ितों की ज़रूरतों की जानकारी लेगा. स्थिति
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बांग्लादेश के पूर्व और उत्तर में बहने वाली नदियों में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है. अगले 48 घंटों में राजधानी के मध्यवर्ती भागों में बाढ़ के बढ़ने के कोई आसार नहीं हैं. मगर पूर्णिमा के कारण बंगाल की खाड़ी में उच्च ज्वार आ रहा है जिससे बाढ़ के पानी के समुद्र में जाने में रूकावट आ रही है. राजधानी ढाका का 40 प्रतिशत हिस्सा अभी भी पानी में डूबा हुआ है. पानी कम होने पर डायरिया के प्रकोप बढ़ने की आशंका है. राहत और पुनर्वास बांग्लादेश सरकार का अनुमान है कि बाढ़ में पूरी तरह तबाह हो चुके सड़कों, पुलों, स्कूलों और अस्पतालों के पुनर्निमाण पर सात लाख डालर का खर्च आएगा. बांग्लादेश में आये इस दशक के सबसे भीषण बाढ़ में करीब 30 लाख लोगों को बेघर होना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र ने सदस्य देशों से अपील की है कि वे बांग्लादेश में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए दवा और भोजन उपलब्ध कराने और पूरी तरह से तबाह हो चुके मकानों और सड़कों के पुर्निनर्माण के लिए आर्थिक मदद करें. बांग्लादेश में राहत कार्य में जुटी संस्थाओं का कहना है कि बांग्लादेश में प्रभावित लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराने के पर्याप्त आकस्मिक व्यवस्था है. मगर उनका कहना है कि बाढ़ के कारण पूरी तरह कट चुके इलाक़ों में राहत सामग्रियों के वितरण में दिक़्क़त आ रही है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||