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यूनिसेफ़ की बांग्लादेश के लिए अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ़ ने बाढ़ से बेघर हुए लोगों को दोबारा बसाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहायता जुटाने की अपील की है. यूनिसेफ़ का उद्देश्य इस अपील के ज़रिए एक करोड़ तीस लाख डॉलर से अधिक रक़म जुटाना है. संयुक्त राष्ट्र के आकलन के मुताबिक़ पूरे देश में लगभग तीन करोड़ लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, पिछले 16 वर्षों में देश में आई यह सबसे भयंकर बाढ़ बताई जा रही है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि बाढ़ से बुनियादी सुविधाएँ और खेती पूरी तरह तहस-नहस हो गई है और करोड़ों का नुक़सान हुआ है. भूख-बीमारी से बेहाल लाखों-लाख लोग बेघर हो गए हैं, पानी घटने के बाद उनके सामने समस्या है कि वे कहाँ जाएँ. बांग्लादेश की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अपील नहीं जारी करने का फ़ैसला किया था, उसका कहना था कि वह स्थिति से निबटने में पूरी तरह से सक्षम है लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने यह फ़ैसला अपनी तरफ़ से लिया. संयुक्त राष्ट्र की टीम और बांग्लादेश की सरकार ने बाढ़ से हुए नुक़सान का आकलन का काम पूरा कर लिया है. दूसरी ओर, एशियाई विकास बैंक यानी एडीबी ने भी बांग्लादेश को आर्थिक सहायता देने की पेशकश की है ताकि पुर्नवास का काम सही ढंग से चल सके. बांग्लादेश की सरकार के आंकड़ों के मुताबिक़ बाढ़ डूबने, बिजली के झटके लगने और साँप के काटने से अब तक लगभग साढ़े चार सौ लोगों की मौत हुई है. |
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