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बाढ़ का प्रकोप जारी, आधा ढाका डूबा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण एशियाई देशों में बाढ़ का प्रकोप जारी है और भारत, नेपाल तथा बांग्लादेश में बाढ़ से लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं. इस वर्ष मानसून की बारिश शुरू होने के बाद से अब तक 800 से भी अधिक लोग मारे गए हैं. रविवार को भारतीय राज्य असम में राहत सामग्री लेकर जा रही एक नाव के पलट जाने से 16 लोग मारे गए. बाढ़ में डूबने के अलावा लोगों की मौत ज़मीन धंसने, करंट लगने और साँप के काटे जाने से हो रही है. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बाढ़ से स्थिति गंभीर हो गई है और बीमारी फ़ैलने का ख़तरा खड़ा हो गया है. ढाका शहर के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से में पानी भरा हुआ है जो गंदा और बदबूदार है. शहर के सभी नाले और सीवर भर चुके हैं. ढाका में लाखों लोग ट्यूबवेल से पानी पीते हैं और ज़मीन के भीतर पानी के संक्रमित हो जाने की आशंका प्रकट की जा रही है. शहर के कई इलाक़ों में आवाजाही के लिए नाव ही एकमात्र साधन है और लोग कह रहे हैं कि पिछले कुछ सप्ताहों में किराए दोगुने हो गए हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आनेवाले दिनों में ढाका समेत मध्य बांग्लादेश के अधिकांश इलाक़ों में नदियों का जलस्तर और ऊपर जा सकता है. |
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