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बांग्लादेश में बाढ़ से लाखों बेघर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में बाढ़ के कारण लगभग लाखों लोग या तो बेघर हो गए हैं या फिर विस्थापित हुए हैं. देश का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बाढ़ से प्रभावित है. यहाँ तक कि राजधानी ढाका के आधे हिस्से में भी बाढ़ का पानी भर गया है. झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाक़े कई दिन से बाढ़ की चपेट में हैं. गंदी नालियों में भी बाढ़ का पानी भर गया है और दस्त की शिकायत से हज़ारों लोगों को हस्पतालों में भर्ती करना पड़ा है. ढाका के कुछ दक्षिणी इलाक़ो में तो पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि पहले कभी भी वहाँ जल-स्तर इतना नहीं देखा गया. बांग्लादेश में बाढ़ से अब तक कम से कम दो सौ लोगों के मारे जाने की ख़बर है. ये लोग डूबने, बिजली का झटका लगने और साँप के काटने के कारण मारे गए हैं. ढाका के निवासी बाढ़ के पानी से बचने के उपाए कर रहे हैं. जहाँ-जहाँ नदियों के तट से पानी रिहायशी इलाक़ों में भर रहा है लोग वहाँ पर रेत की बोरियाँ फेंककर बचाव में लगे हैं. चाहे भारत में गंगा और मेघना नदियों का जल-स्तर गिरना शुरु हो गया है लेकिन मौसम विभाग की भविष्यवाणी है कि आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है. |
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