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अरुणाचल में बाढ़ में तीस लोग बहे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरूणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ में कम से कम तीस लोगों के बह जाने की ख़बर है. ये वे लोग थे जो सोमवार रात को बोर्दिकरई नदी पर काम कर रहे ते और उनके ट्रक अचानक आई बाढ़ में घिर गए. पानी का बहाव इतना तेज़ था कि उन्हें बचने का मौक़ा नहीं मिला और वे बाढ़ में बह गए. तिब्बत से निकलने वाली इस नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया जिससे यह बाढ़ आई. अरुणाचल प्रदेश में अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि बोर्दिकरई नदी का जल स्तर सोमवार रात को कई फुट तक ऊँचा हो गया जिससे कामेंग ज़िले में बड़ा नुक़सान हुआ है. इस बाढ़ में कम से कम पाँच ट्रक बह गए जिनमें सवार कम से कम 30 लोग भी पानी के बहाव का मुक़ाबला नहीं कर सके और बह गए. क़रीब 15 गाँवों में भारी नुक़सान हुआ है और दस हज़ार से ज़्यादा ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है. अचानक आई इस बाढ़ के कारणों का अभी पता नहीं चला है लेकिन पर्यावरणवादियों का अनुमान है कि तिब्बत में कोई बाँध टूटने की वजह से यह बाढ़ आई होगी. पूर्वोत्तर भारत की नदियों के एक जानकार दुलाल गोस्वामी ने बीबीसी को बताया कि तिब्बत में अक्सर ज़मीन खिसकने से नदियों के बहाव में रुकावट आ जाती है. इससे बाँधों पर जब दबाव बनता है तो वे टूट जाते हैं और पानी एक साथ तेज़ रफ़्तार में बहने लगता है. चार साल पहले इसी तरह की बाढ़ से राज्य में बड़ा नुक़सान हुआ था. उस समय तिब्बत में सियांग नदी पर बना एक बाँध फटने से बाढ़ आई थी. |
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