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मुंबई में राहत, केरल में मूसलाधार बारिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मंगलवार को बारिश से राहत मिली है लेकिन दक्षिणी राज्य केरल में पिछले तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश जारी है. मौसम विभाग ने कहा है कि मुंबई में बादल कुछ छंटेंगे लेकिन तेज़ हवाएँ चलेंगी. मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में स्कूल और कॉलेज बंद हैं और मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र में न जाएँ. मुंबई में लोकल ट्रेन सोमवार तक बुरी तरह प्रभावित थीं लेकिन अब मध्य और पश्चिम रेलवे के कुछ हिस्सों में रेल सेवाएँ अच्छी चल रही हैं. लेकिन मुंबई से आने जानेवाली लंबी दूरी की मध्य रेलवे की रेलगाड़ियाँ छह अगस्त तक नहीं चलेंगी. विमानों की उड़ानों में भी सुधार हुआ है और हालाँकि ख़राब रोशनी के कारण हवाई अड्डा मंगलवार सुबह कुछ समय के कारण बंद रहा. पिछले सप्ताह मंगलवार से शुरू हुई भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र में अभी तक 950 लोग मारे जा चुकी हैं. बारिश के कारण महाराष्ट्र को भारी नुक़सान उठाना है और दो करोड़ से ज़्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं. केरल में क़हर बीबीसी संवाददाता सुनील रामन के अनुसार दक्षिण भारत में भारी बारिश हो रही है.केरल में पिछले तीन दिनों से बारिश जारी है.
केरल के कोट्टायम इडुकी, एर्नाकुलम और पल्लकाड में भारी बारिश हो रही है. इडुकी में भूस्खलन की ख़बरें हैं. केरल और तमिलनाडु सीमा पर स्थित मुल्लई पेरियार बाँध में पानी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है. केरल से पानी कर्नाटक और फिर तमिलनाडु आता है जिससे केरल की भारी बारिश से तीनों राज्य प्रभावित हो सकते हैं. इधर महाराष्ट्र के कोयना बांध से छोड़े गए पानी से कर्नाटक के बीजापुर और अन्य इलाक़ों में बाढ़ का ख़तरा उत्पन्न हो गया है. इसके अलावा कर्नाटक के कृष्णा सागर, हरंगी, हेमावती और काबिनी बाँधों में जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है. |
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