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निवेशकों को आश्वस्त करने के प्रयास | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शेयर बाज़ार पर नज़र रखनेवाली संस्था सिक्युरिटीज़ ऐंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) ने निवेशकों को आश्वस्त करने की कोशिश की है सेबी का कहना है कि सरकार की जाँच करने संबंधी ज़्यादातर ख़बरें आधारहीन हैं और घबराने की ज़रूरत नहीं है. दूसरी ओर वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी स्पष्ट किया है कि शेयर बाज़ार में कोई घोटाला नहीं हुआ है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वित्त मंत्री चिदंबरम ने न्यूयार्क में कहा, '' कोई चिंता की बात नहीं है.'' उनका कहना है कि शेयर बाज़ार में कोई घोटाला नहीं हुआ है लेकिन बाज़ार में एक या दो 'जोखिम' उठानेवाले खिलाड़ी हो सकते हैं. ग़ौरतलब है कि ऐसी ख़बरें आईं थीं कि शेयर बाज़ार के लगातार बढ़ने की सरकार जाँच कर रही है और उसके बाद बाज़ार में लगभग 250 अंकों की गिरावट आई थी. सेबी के चेयरमैन एम दामोदरन ने कहा है मेरा ख्याल है कि अनेक आधारहीन ख़बरें आईं हैं.लेकिन निवेशकों को घबराने की ज़रूरत नहीं है. यदि सभी नहीं तो कम से कम ज़्यादातर ख़बरें आधारहीन हैं. एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में दामोदरन ने कहा कि जब भी शेयर बाज़ार में असामान्य गतिविधियाँ होती हैं, सेबी उस पर नज़र रखती है. गिरावट मुंबई शेयर बाज़ार में हाल के दिनों में आई तेज़ी की जाँच कराने की सरकार की घोषणा के बाद गुरुवार को बाज़ार कुछ धीमा हुआ था और सूचकांक में 250 अंकों की गिरावट आई थी. जैसे ही बुधवार को बाज़ार खुला उसके तुरंत बाद बिकवाली के कारण शेयर बाज़ार में गिरावट देखी गई. बिकवाली के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज़, मारुति उद्योग, बजाज ऑटो, बीएचईएल, ग्रासिम, एचडीएफसी, हीरो होंडा, टाटा मोटर्स में तेज़ी से गिरावट देखी गई. इसके पहले ख़बर आई थी कि शेयर बाज़ार की तेज़ी के मद्देनज़र वित्त मंत्रालय और प्रत्यक्ष कर विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई थी. और बाज़ार पर नियंत्रण रखनेवाली संस्था सेबी भी बाज़ार की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है. |
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