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देवेगौड़ा से मतभेद, नारायणमूर्ति हटे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की मशहूर सॉफ़्टवेयर कंपनी इन्फ़ोसिस के प्रमुख एनआर नारायण मूर्ति ने बंगलौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल) के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. एनआर नारायण मूर्ति ने राज्य के मुख्यमंत्री धरम सिंह को इस्तीफ़ा भेज दिया है. नारायण मूर्ति ने अपने त्यागपत्र में कहा है कि उन्होंने समाचार पत्रों में पढ़ा है कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने उनके कार्य की आलोचना की है. पिछले सप्ताह देवेगौड़ा ने कहा था कि नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की योजना को लागू करवाने में नारायण मूर्ति का कोई योगदान नहीं है. इन्फ़ोसिस के अध्यक्ष नारायण मूर्ति ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार से इस योजना को हरी झंडी दिलवाने की दिशा में बहुत काम किया. नारायण मूर्ति ने कहा कि उन्हें इस बात का ज़्यादा दुख है कि सरकार के किसी भी व्यक्ति ने उनकी ओर से इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. देवेगौड़ा ने यह भी कहा था कि पिछले कई सालों से राज्य सरकार आईटी उद्योगों को सस्ते दामों पर ज़मीन बेच रही है. उन्होंने कहा था कि किसानों से ज़मीन सस्ते में लेकर इसे आईटी उद्योगों को सौंपा जा रहा है. उनका आईटी कंपनियों पर आरोप है कि मुनाफ़े की चाह में वो समाज के प्रति अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी नहीं निभा रही हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन्फ़ोसिस अध्यक्ष पर आरोप लगाकर देवेगौड़ा आईटी उद्योग के योगदान पर बहस करवाना चाहते हैं. देवेगौड़ा ने मांग की है कि सरकार आईटी कंपनियों के ज़मीन वितरण पर जाँच बिठाए. इस मांग से आईटी उद्योग सकते में है. |
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