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एन आर नारायणमूर्ति फ़्रांस में सम्मानित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की प्रमुख सॉफ़्टवेयर कंपनी इन्फ़ोसिस टेक्नॉलॉजीज़ के संस्थापक नारायण मूर्ति को भारत-फ्रांस फोरम ने सम्मानित किया है. यह सम्मान उन्हें फ्रांसीसी प्रधानमंत्री याँ पियरे राफ्राँ ने दिया. यह सम्मान भारत और फ़्रांस के आपसी संबंधों को बढ़ाने के लिए दिया जाता है. प्रधानमंत्री राफ्राँ ने कहा, "नारायण मूर्ति में मुझे भारत की वो सब शक्तियाँ दिख रही हैं जिनसे भारत 21वीं सदी की मुश्किलों का सामना करेगा." उनका कहना था कि उन्होंने जब इस साल फ़रवरी में भारत का दौरा किया था तो बंगलौर की तकनीकी प्रगति ने उन्हें हैरान कर दिया था. उनका कहना था कि फ़्रांस और भारत तकनीक के क्षेत्र में काफ़ी सहयोग कर सकते हैं. पदक लेते वक्त नारायण मूर्ति ने कहा कि उनका अपना करियर भी फ्रांस में ही शुरु हुआ था और उन्होंने फ्रांस से बहुत कुछ सीखा. उन्होंने कहा, "मुझे फ्रांस से जो कुछ भी सीखने को मिला हैं उसे मैं कभी भूल नहीं पाऊँगा और उसके लिए मैं सारी उमर फ्रांस का आभारी रहूँगा." नारायण मूर्ति ने कहा, "चाहे फ़िलहाल फ्रांस भारतीय तकनीकी कंपनियों के लिए छोटा बाज़ार है लेकिन फ्रांस के साथ इस क्षेत्र में व्यापार में काफ़ी वृद्धि हुई है." उनका कहना था कि इन्फ़ोसिस और अन्य भारतीय कंपनियाँ फ्रांस में पहले से ही मौजूद हैं और आने वाले सालों में उनके फ्रांस के साथ व्यापार बढ़ने की अच्छी संभावनाएँ हैं. |
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