| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बंगलौर में शुरू हुआ आईटी मेला
भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले दक्षिणी शहर बंगलौर में एशिया का सबसे बड़ा समझा जाने वाला सूचना और संचार प्रोद्योगिकी मेला शनिवार को शुरू हो गया है. पाँच दिन के इस मेले में 14 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं और माइक्रोसॉफ़्ट और आईबीएम जैसी कंपनियाँ भी हिस्सा ले रही हैं. इस मेले में शामिल होने के लिए रूस से लेकर अमरीका तक तो ऑस्ट्रेलिया से लेकर मॉरीशस तक के क़रीब 300 प्रतिनिधि बंगलौर पहुँचे हैं. इस मेले में भारतीय और विदेशी कंपनियाँ सॉफ़्टवेयर के साथ-साथ नए-नए हॉर्डवेयर और इंटरनेट सुरक्षा के क्षेत्र में भी निवेश पर अपना ध्यान केंद्रित किए हुए हैं. मेले के दौरान कई विषयों पर कई संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएंगी जिनमें प्रमुख हैं - सूचना तकनीक को जन-जन तक पहुँचाने का मामला.
घरेलू समस्याओं और इस साल मानसून की अच्छी बारिश न होने के बावजूद बंगलौर में आईटी के क्षेत्र में काम जारी है. इस साल बंगलौर में देश भर से 30 हज़ार छात्रों को बुलाया गया है ताकि वे यहाँ सूचना तकनीक से लाभ उठा सकें. देसी कंपनियों के साथ-साथ विदेशी कंपनियाँ भी यहाँ अपने केंद्र स्थापित कर रही हैं. नए आँकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में 66 नई कंपनियों ने बंगलौर में अपने केंद्र स्थापित किए हैं जिनमें 44 विदेशी कंपनियाँ हैं. मेले का उदघाटन करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एसएम कृष्ण ने कहा कि एक अध्ययन के अनुसार 2010 तक कर्नाटक में लाखों नौकरियों के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि इनमें से 40 प्रतिशत सूचना तकनीक उद्योग में विदेशी कंपनियों के टेलीफ़ोन सेंटर भारत में चलाने यानी आउटसोर्सिंग से पैदा होंगे. बंगलौर में सॉफ़्टवेयर और आउटसोर्सिंग का बाज़ार 65 प्रतिशत बढ़ा है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||