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माइक्रोसॉफ्ट मना रहा है 30वाँ जन्मदिन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने तीस वर्ष पूरे कर लिए हैं. अमरीका के सिएटल शहर में स्थित माइक्रोसॉफ्ट करे मुख्यालय में शुक्रवार को एक ज़ोरदार पार्टी का आयोजन किया गया है जिसमें कंपनी के लगभग 60 हज़ार कर्मचारी भाग लेंगे. इनमें बहुत सारे लोग दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से सिएटल पहुँचे हैं. दुनिया के नब्बे प्रतिशत कंप्यूटरों को चलाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम की निर्माता इस कंपनी का कारोबार पिछले तीस वर्षों में बहुत तेज़ी से बढ़ता रहा है. माइक्रोसॉफ्ट के तीसवें जन्मदिन के मौक़े पर जश्न का माहौल तो है लेकिन साथ ही भविष्य को लेकर चिंताएँ भी हैं. कंप्यूटर के बाज़ार में माइक्रोसॉफ़्ट का एकछत्र राज रहा है लेकिन कंपनी को पता है कि बहुत समय तक ऐसी स्थिति नहीं रहने वाली है. इतिहास ऐसी कंपनियाँ बहुत नहीं हैं जिन्होंने इतने कम समय में हमारे जीवन में इतना परिवर्तन किया हो, 1975 में न्यू मैक्सिको में जिस कंपनी की नींव रखी गई उसने पूरी दुनिया में क्रांति का सूत्रपात किया. बिल गेट्स और उनके दोस्त पॉल एलन ने सपना देखा फ्रिज के आकार की मशीन को लोगों के टेबल तक पहुँचाने का, यहीं से बात शुरू हुई पर्सनल कंप्यूटर की. बिल गेट्स ने कहा कि वे इस उपकरण को घर-घर पहुँचा देंगे तो लोगों को लगा कि दावे हैं, दावों का क्या, लेकिन आज करोड़ों लोग कंप्यूटर के इतने आदी हो चुके हैं कि उसके बिना जीवन की कल्पना तक नहीं कर पाते. बहरहाल, बिल गेट्स का सपना पूरा हुआ, उनकी कंपनी के हज़ारों कर्मचारी करोड़पति बन गए, बिल गेट्स बने दुनिया के सबसे अमीर आदमी. पिछले ग्यारह वर्षों से वे फोर्ब्स पत्रिका की अमीरों की सूची में पहले नंबर पर बने हुए हैं. माइक्रोसॉफ़्ट के एकाधिपत्य को अदालत में चुनौतियाँ दी गईं और उसे कई बार कठिन दौर से गुज़रना पड़ा लेकिन बिल गेट्स हमेशा की तरह मोर्चे पर डटे रहे. माइक्रोसॉफ्ट के तीसवें जन्मदिन पर उन्होंने कहा, "अभी रूकने का सवाल कहाँ है, यह तो शुरूआत है." |
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