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माइक्रोसॉफ़्ट के कई कोड चोरी हुए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ ब्लूप्रिंट्स कड़ी सुरक्षा के बावजूद इंटरनेट पर लीक हो गए हैं. यानी विंडोज़ के वो सोर्स कोड चोरी चले गए हैं जिनके आधार पर विंडोज़ काम करता है. इसका सीधा मतलब यह है कि यदि आप विंडोज़ पर काम कर रहे हैं तो हो सकता है कि कोई कंप्यूटर हैकर आपकी मशीन से आपकी सारी जानकारियाँ चोरी कर ले या उसे नुक़सान पहुँचा दे. माइक्रोसॉफ़्ट के प्रवक्ता टॉम पिल्ला का कहना है कि कंपनी को नहीं पता है कि कितनी जानकारियों की चोरी हुई है और कितने लोगों के लिए विंडोज़ के भीतर घुसना संभव है. इस हफ़्ते माइक्रोसॉफ़्ट ने दूसरी बार सुरक्षा को लेकर घोषणा की है. बुधवार को माइक्रोसॉफ़्ट ने कहा था कि विंडोज़ के कई संस्करणों यानी कई वर्ज़नों में सुरक्षा का ख़तरा है. कंपनी ने अभी यह नहीं बताया है कि पिछली जानकारी कहाँ से लीक हुई थी और उन्होंने इसके लिए क़ानूनी क़दम उठाए हैं या नहीं. समझा जा रहा है कि इस लीक से विंडोज़ 2000 और विंडोज़ एनटी भी प्रभावित हो रहा है. प्रवक्ता का कहना है कि इस लीक में माइक्रोसॉफ़्ट कार्पोरेशन के भीतर से इस कोड के लीक हो जाने के कोई संकेत नहीं मिले हैं. उनका कहना है कि इससे माइक्रोसॉफ़्ट के उपभोक्ताओं पर सीधा कोई असर नहीं पड़ेगा. लेकिन माइक्रोसॉफ़्ट को इससे यह नुक़सान हो सकता है कि इस लीक से मिली जानकारी का फ़ायदा उनके प्रतिद्वंद्वी उठा लें क्योंकि इससे पता चल सकता है कि विंडोज़ दरअसल काम किस तरह करता है. |
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