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एमएसएन का चैटरूम बंद करने का फ़ैसला
माइक्रोसॉफ़्ट की इंटरनेट सेवा देने वाली सहायक कंपनी एमएसएन ने 14 अक्तूबर से दुनियाभर में अपने ज़्यादातर चैटरूम बंद करने का फ़ैसला किया है. बच्चों के अधिकारों को लेकर अभियान चलाने वाली संस्थाओं ने इस घोषणा का ज़ोरदार स्वागत किया है. जहाँ चैटरूम बंद नहीं होंगे, वहाँ भी सीमित लोग ही इसका इस्तेमाल कर पाएँगे और इस तरह बच्चों को यौन शोषण के ख़तरों से बचाया जा सकेगा. अमरीका सहित कुछ देशों में चैटरूम बंद नहीं होंगे, लेकिन इसके लिए शुल्क देना होगा. साथ में कंपनी चैटरूम के इस्तेमाल पर कड़ी निगाह रखेगी. ब्रिटेन में बच्चों के हितों के लिए काम करने वाली एक संस्था नेशनल सोसाइटी फ़ॉर द प्रिवेंशन ऑफ़ द क्रुएलटी टु चिल्ड्रेन ने कहा है कि माइक्रोसॉफ़्ट का ये क़दम काफ़ी सकारात्मक है. आकलन यह है कि हर महीने लाखों लोग चैटरूम का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें ज़्यादातर बच्चे ही होते हैं. इस तरह के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बच्चों को ख़ास तौर से निशाना बनाया गया है. बच्चों के संगठनों के मुताबिक़ काफ़ी समय तक इंटरनेट उद्योग ज़ोर देकर कहता रहा कि बच्चों का यौन शोषण करने वालों के चैटरूम के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कुछ नहीं किया जा सकता. अनचाहे मेल इस बात पर भी चिंता जताई जा रही है कि अनचाहे ई-मेल भेजने वाले लोग चैटरूम का इस्तेमाल ई-मेल पता हासिल करने के लिए करते हैं.
यूरोप के लिए कंपनी के महाप्रबंधक ज्योफ़ सटन ने कहा, "यह एक अहम मौक़ा है. अब वो दिन बीत गए जब इंटरनेट पर काम करना मनोरंजक के साथ-साथ आसान था. दुर्भाग्य से कुछ लोगों ने ये क्षण छीन लिया है." माना जा रहा है कि भविष्य में कम लोग ही एक-दूसरे से चैटरूम में बात कर पाएँगे और वह भी जान-पहचान के लोगों से ही. ब्रिटेन में बच्चों के अधिकार के लिए काम करने वाली संस्थाओं ने इस क़दम का स्वागत किया है. |
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