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माइक्रोसॉफ़्ट पर भारी जुर्माना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट पर लगभग 60 करोड़ डॉलर जुर्माना लगाया गया है. कंपनी पर अपने प्रतिद्वंद्वियों के ख़िलाफ़ अनुचित व्यापारिक तरीक़े अपनाने और उन्हें बाज़ार से बाहर करने के आरोप में ये जुर्माना लगाया गया है. माइक्रोसॉफ़्ट ने कहा है कि वह यूरोपीय संघ के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेगा. यूरोपीय संघ ने माइक्रोसॉफ़्ट पर ये जुर्माना लगाया है. यूरोपीय संघ के 'कंपीटशन कमिश्नर' मेरियो मॉंटी ने माइक्रोसॉफ़्ट को आदेश दिया है कि 90 दिन के भीतर वह अपने विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे जानकारी पर्सनल कंप्यूटर निर्माताओं को दे. दुनिया में 90 प्रतिशत कंप्यूटर विंडोज़ सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. यूरोपीय संघ ने कंपनी को ये हिदायत भी दी है कि वह अनुचित व्यापारिक तरीक़े न अपनाए. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि माइक्रोसॉफ़्ट पर इस जुर्माने का कोई ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा. पिछले हफ़्ते माइक्रोसॉफ़्ट और मॉंटी के बीच इस विषय पर चल रही बातचीत ठप्प हो गई थी. ये यूरोपीय संघ की ओर से लगाए जाने वाला सबसे अधिक जुर्माना है. इससे पहले यूरोपीय संघ ने सर्वाधिक 46.2 करोड़ यूरो का जुर्माना दवा कंपनी रोश पर लगाया था. |
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