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विश्व बैंक भारत को नौ अरब डॉलर देगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व बैंक अगले तीन वर्षों के अंदर भारत को नौ अरब डॉलर देने पर सहमत हो गया है. अपनी चार दिनों की यात्रा के आख़िरी दिन विश्व बैंक के अध्यक्ष पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ ने यह घोषणा की. नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में विश्व बैंक के अध्यक्ष वुल्फ़ोवित्ज़ ने बताया कि इसमें से तीन अरब डॉलर भारत निर्माण योजना पर ख़र्च होगा. भारत निर्माण योजना ग्रामीण इलाक़ों में बुनियादी विकास से संबंधित है. वुल्फ़ोवित्ज़ ने कहा कि पिछले 15 वर्षों के अंदर भारत में प्रभावशाली गति से आर्थिक विकास हुआ है. लेकिन विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाक़ी है ताकि करोड़ों ग़रीब लोगों का स्तर ऊपर उठाया जा सके. परियोजनाएँ वुल्फ़ोवित्ज़ ने कहा, "पिछले साल विश्व बैंक ने हर साल भारत को मिलने वाली 1.4 अरब डॉलर की कर्ज़ राशि को बढ़ाकर 2.9 अरब डॉलर कर दिया था. हम इस स्थिति को बनाए रखना चाहते हैं. इसका मतलब ये हुआ कि हम भारत को अगले तीन वर्षों में नौ अरब डॉलर की राशि देंगे." विश्व बैंक ने तीन वर्ष के अंदर भारत को नौ अरब डॉलर देने की जो घोषणा की है, उसे पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ सड़क और सिंचाई परियोजनाओं पर भी ख़र्च किया जाएगा. विश्व बैंक के अध्यक्ष पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ ने बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में निजी क्षेत्रों की भागीदारी पर भी ज़ोर दिया. उन्होंने कहा, "यह काफ़ी अच्छा विचार है कि हम उन बुनियादी क्षेत्रों पर भी ध्यान दें जिनमें निजी क्षेत्र भी सहयोग दे सकते हैं. लेकिन इससे पहले महत्वपूर्ण ये है कि हम उन अहम क्षेत्रों का चयन करें, जिनमें शुरुआती तौर पर सरकारी कंपनियाँ निवेश करें." हाल के वर्षों में भारत में विकास दर औसतन छह फ़ीसदी रहा है. भारत के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्व बैंक के अध्यक्ष वुल्फ़ोवित्ज़ को बताया कि अगले सात वर्षों में भारत को बुनियादी क्षेत्र में 100 अरब डॉलर निवेश करने की आवश्यकता है. |
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