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भारत और पाकिस्तान को व्यापार राहत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भारत और पाकिस्तान से आने वाली कुछ वस्तुओं को बिना कोई कर दिए अमरीकी बाज़ार में आने की सुविधा बहाल कर दी है. राष्ट्रपति बुश ने इस फ़ैसले की घोषणा करते हुए बताया कि उन्होंने ये क़दम इसलिए उठाया है क्योंकि दोनों देशों ने कामगारों के अधिकारों और बौद्धिक सम्पदा के मामले में प्रगति की है. हालाँकि किन-किन वस्तुओं को ये सुविधा दी गई है इसका विवरण ह्वाइट हाउस ने जारी नहीं किया है. अमरीका भारत के साथ व्यापार और रक्षा संबंध मज़बूत कर रहा है जबकि पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में उसका प्रमुख सहयोगी है. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि उन्होंने ये फ़ैसला भारत और पाकिस्तान द्वारा उठाए गए क़दमों की समीक्षा के बाद किया है. रोक राष्ट्रपति बुश ने कहा, "मुझे लगता है कि भारत ने बौद्धिक सम्पदा के अधिकार की रक्षा के लिए उचित और प्रभावी क़दम उठाए हैं. इसके बाद मैंने ये फ़ैसला किया कि भारत से आने वाली कुछ सामग्रियों को कररहित न करने पर लगी रोक हटा ली जाए." पाकिस्तान के बारे में राष्ट्रपति बुश ने कहा कि पाकिस्तान कामगारों के अधिकारों को लेकर क़दम उठा रहा है. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने अपने यहाँ कामगारों के अधिकारों को लेकर कई क़दम उठाए हैं और वह ऐसे क़दम उठा रहा है जो अंतरराष्ट्रीय मानदंड के मुताबिक़ हों." राष्ट्रपति बुश ने कहा कि इसी कारण उन्होंने पाकिस्तान से आने वाली कुछ वस्तुओं को भी ये सुविधा बहाल कर दी है. 1998 में परमाणु परीक्षण के कारण अमरीका ने भारत पर कई तरह की पाबंदियाँ लगा दी थी जिसे उसने 2001 में हटा लिया था. कुछ इसी तरह की पाबंदी पाकिस्तान पर भी लगाई गई थी जब भारत के परमाणु परीक्षण के जवाब में परीक्षण किया था. लेकिन बाद में पाबंदी हटा ली गई थी. |
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