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गुरुवार, 07 अप्रैल, 2005 को 21:56 GMT तक के समाचार
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अमरीका से रिश्ते बेहतर हुएः नटवर
नटवर सिंह
'हमनें अमरीका को बताया है कि हम आपके फ़ैसले से निराश हुए हैं'
भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा है कि अमरीका के पाकिस्तान को एफ़-16 लड़ाकू विमान बेचने के फ़ैसले के बावजूद, भारत-अमरीका के रिश्ते अब से पहले कभी इतने अच्छे नहीं रहे.

बीबीसी के हार्डटॉक कार्यक्रम में ये विचार व्यक्त करते हुए नटवर सिंह ने कहा कि उन्होंने एफ़-16 के मुद्दे पर अमरीका को भारत के विचारों से अवगत करवाया है.

उनका कहना था, "हमने अमरीका को बताया है कि हम आपके फ़ैसले से निराश हुए हैं. लेकिन हम आपसी रिश्तों वहाँ तक पहुँच गए हैं जहाँ हम अपने मतभेदों के बावजूद अपने मूल रिश्तों और दोस्ती पर असर डाले बिना, आगे चल सकते हैं."

 अमरीका के साथ हमारे रिश्ते एक अलग स्तर तक पहुँच गए हैं. इससे पहले रिश्ते इतने अच्छे कभी नहीं थे. परमाणु उर्जा समेत हर क्षेत्र में सहयोग हो रहा है
नटवर सिंह

भारत के विदेश मंत्री का कहना था, "अमरीका के साथ हमारे रिश्ते एक अलग स्तर तक पहुँच गए हैं. इससे पहले रिश्ते इतने अच्छे कभी नहीं थे. परमाणु उर्जा समेत हर क्षेत्र में सहयोग हो रहा है."

उनका कहना था कि वे अगले सप्ताह वॉशिंगटन जाएँगे जहाँ वे अमरीकी विदेश मंत्री और बुश प्रशासन के अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे और सभी मुद्दों पर चर्चा होगी.

उनका कहना था कि वे बुश प्रशासन के उस अधिकारी के साथ सहमत नहीं जिन्होंने कहा था कि वे 21वीं सदी में भारत को एक महाशक्ति बनने में मदद करने को तैयार हैं.

उनका कहना था, "मैने इसी बात को किसी और ढंग से कहा होता. हम महाशक्ति बनने के चक्कर में नहीं हैं. हमारा काम ग़रीबी हटाना है... लेकिन हम दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर और भी उच्चस्तर पर ले जाना चाहते हैं."

 मैं वही कहूँगा जो अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा था - वो पुरान नटवर था, ये नया नटवर है. मैं विपक्ष में नहीं हूँ, बल्कि भारत का विदेश मंत्री हूँ. मेरा कर्तव्य है कि भारत के हितों की रक्षा करुँ और इसके लिए अमरीका के साथ क़रीबी रिश्ते रखना ज़रूरी है
नटवर सिंह

जब कांग्रेस विपक्ष में थी तब नटवर सिंह ने कहा था कि भारत जैसा गुट-निरपेक्ष देश अमरीका जैसी नैटो-शक्ति का स्वाभाविक मित्र नहीं हो सकता.

लेकिन अब उनका कहना है,"मैं वही कहूँगा जो अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा था - वो पुरान नटवर था, ये नया नटवर है. मैं विपक्ष में नहीं हूँ, बल्कि भारत का विदेश मंत्री हूँ. मेरा कर्तव्य है कि भारत के हितों की रक्षा करुँ और इसके लिए अमरीका के साथ क़रीबी रिश्ते रखना ज़रूरी है."

श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा

श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा को नटवर सिंह ने महत्वपूर्ण कदम बताया और पाकिस्तान के साथ व्यापक बातचीत की प्रगति पर संतुष्टि जताई.

 वो सब विकल्प खुले हैं जो वे हमारे सामने रखें...लेकिन भारत का नक्शा दोबारा नहीं बनाया जा सकता और दूसरा विभाजन नहीं हो सकता
नटवर सिंह

उनका कहना था कि दोनो देशों में इससे बेहतर माहौल कभी नहीं रहा.

कश्मीर मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्री का कहना था कि ये दशकों पुराना पेचीदा मसला है जिस पर ध्यान से, धैर्य रखकर और उम्मीद के साथ चलना होगा.

लेकिन उन्होंने दोहराया, "वो सब विकल्प खुले हैं जो वे हमारे सामने रखें...लेकिन भारत का नक्शा दोबारा नहीं बनाया जा सकता और दूसरा विभाजन नहीं हो सकता."

नेपाल के बारे में उन्होंने फिर कहा कि आपातकाल ख़त्म होना चाहिए.

बीबीसी वर्ल्ड के कार्यक्रम हार्ड टॉक में नटवर सिंह का साक्षात्कार आठ अप्रैल को भारतीय समयानुसार रात नौ बजे प्रसारित होगा

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