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सूचना और जैव तकनीक में भी समझौते | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के दोनों तरफ़ के हिस्सों को बस से जोड़ने पर महत्वपूर्ण समझौते के अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार और सूचना उद्योग के क्षेत्र में भी नए संबंध शुरू हुए हैं. पाकिस्तान को दो प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर हैं और उन्होंने आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में कुछ कंपनियों के साथ जैव तकनीक और सूचना प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में समझौते किए हैं. इन समझौतों को भी दोनों देशों के सुधरते संबंधों में एक नया आयाम माना जा रहा है. पाकिस्तान के जैव तकनीक के एक छह सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय कंपनियों के साथ सात समझौते किए हैं. इन समझौतों में औषधि निर्माण से लेकर तकनीक स्थानांतरण की सुविधाएँ शामिल हें. पाकिस्तान का ही सूचना प्रोद्योगिकी का एक प्रतिनिधमंडल बुधवार को हैदराबाद में था और उसने कई आईटी कंपनियों, कंप्यूटर के सहारे चलने वाली सरकारी परियोजनाओं का जायज़ा लिया. ग़ौरतलब है कि आंध्र प्रदेश ने सरकारी कामकाज में और विभिन्न परियोजनाएँ चलाने में सूचना तकनीक का काफ़ी बढ़चढ़कर इस्तेमाल किया है. पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने छह वेब पोर्टल बनाने के लिए एक भारतीय कंपनी के साथ समझौता भी किया है. पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस और लाहौर विश्वविद्यालय के बीच समझौता करने में भी दिलचस्पी ज़ाहिर की. |
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