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'परमाणु जानकारी का प्रसार नहीं होगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान कहा है कि उन्हें विश्वास है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियार और उपकरणों की हिफ़ाज़त कर सकता है. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ बातचीत के बाद उन्होंने कहा, "हमने सुरक्षा के मामलों पर पाकिस्तानियों से बातचीत की है ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि जब तक पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं तब तक वे सुरक्षित रहें और पहले जैसे प्रसार का विषय न बनें." ब्रिटेन के विदेश मंत्री को विश्वास है कि पाकिस्तान से परमाणु हथियारों की जानकारी के प्रसार की संभावना अब ख़त्म हो गई है. दोनो नेताओं की बातचीत में आतंकवाद का सामना, ईरान का परमाणु कार्यक्रम, धीमी गति से बढ़ती भारत-पाकिस्तान शांति प्रक्रिया पर चर्चा हुई. पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी या फिर अन्य जाँचकर्ताओं को पाकिस्तान में जाकर डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान से पूछताछ करने की इजाज़त नहीं दी है. डॉक्टर क़दीर ख़ान पर ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु जानकारी बेचने का आरोप है, लेकिन वे इसका खंडन करते हैं. पाकिस्तानियों का कहना है कि वे उपयुक्त जाँच कर रहे हैं. राष्ट्रपति परेवज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि पाकिस्तान अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम जारी रखेगा. लेकिन विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने इस विषय में बात करने से इनकार कर दिया कि क्या बड़ी परमाणु ताकतें पाकिस्तान के परमाणु हथियार बनाने के लिए ज़रूरी उपकरणों या अन्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाएगी. |
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