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परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के अधिकारी परमाणु जंग का ख़तरा टालने के लिए कदम उठाने पर मंगलवार को इस्लामाबाद में बातचीत कर रहे हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस बातचीत का एक मकसद बैलिस्टिक मिसाइलों यानि प्रक्षेपास्त्रों के टेस्ट से पहले एक-दूसरे को जानकारी देने पर समझौते को अंतिम स्वरूप देना है. भारत का पाँच सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में पाकिस्तानी पक्ष से बातचीत करेगा. पर्यवेक्षक एहतशामुल हक़ के अनुसार ये माना जा रहा है कि परमाणु हथियार रखने वाले दोनो पड़ोसियों के रिश्तों में स्थिरता लाना ज़रूरी है. दोनो देशों के बीच इस साल जून में परमाणु परीक्षणों पर रोक जारी रखने पर चर्चा हुई थी. एहतशामुल हक़ का कहना है कि परमाणु मसलों से संबंधित औपचारिक समझौते की ज़रूरत समझी जा रही है ताकि जंग जैसी परिस्थितयों में दोनो पक्षों पर रोक लगाने का कोई ज़रिया हो. दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच हॉटलाइन संपर्क भी स्थापित किए जाने पर जून में बात हुई थी और इसे कार्यान्वित करने पर विचार होगा.
ये बातचीत उस समय हो रही है जब दोनो देश पारंपरिक हथियारों की ख़रीद पर एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं. 'तस्करी रोकने पर बात' उधर दिल्ली में दोनो देशों के अधिकारियों के बीच नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने पर बातचीत हुई है. ये बातचीत दोनो देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने के संबंध में हो रही है. नशीले पदार्थो की तस्करी रोकने पर हो रही बातचीत में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के पाँच सदस्य हैं और मेजर जनरल नदीम अहमद उसका नेतृत्व कर रहे हैं. भारतीय पक्ष का नेतृत्व नारकौटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अध्यक्ष स्वराज पुरी कर रहे हैं. इस बारे में दोनो देशों के बीच बातचीत के इस चरण में इस बारे समझौते के मसौदे पर विचार हो रहा है. मेजर जनरल नदीम अहमद ने भारत के गृह मंत्री शिवराज पाटिल से भी मुलाकात की है. |
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