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तीन पाक वैज्ञानिक रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने देश के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हुए तीन वैज्ञानिकों और कुछ सुरक्षा अधिकारियों को छह महीने हिरासत में रखने के बाद रिहा किया है. इन पर परमाणु हथियारों और तकनीक की जानकारी विदेशों को बेचने का संदेह था. ये वो लोग हैं जिन्हें पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक माने जाने वाले वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान समेत 11 वैज्ञानिकों और सुरक्षा अधिकारियों को हिरासत में लिया गया था. जो रिहा हुए हैं उनमें काहूटा रिसर्च लेबॉरेटरीस के पूर्व प्रमुख ब्रिगेडियर सजावाल ख़ान, डॉक्टर क़दीर ख़ान के साथ काम करने वाले अधिकारी मेजर इस्लामुल हक़ और रमाणु वैज्ञानिक नज़ीर अहमद हैं. सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि इन लोगों से जाँचकर्ताओं को और कुछ नहीं पूछना था इसलिए इनको अपने-अपने घर वापस जाने दिया जा रहा है. रिहा किए गए किसी भी वैज्ञानिक या अधिकारी ने बयान नहीं दिया है और उनके परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन लोगों को इस विषय में टिप्पणी करने से मना किया गया है. ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु जानकारी बेचने की बात डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने स्वीकार की थी और उन्हें राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने माफ़ी दे दी थी. लेकिन वे घर पर नज़रबंद हैं और उन्हें जाँचकर्ताओं को सहयोग देने को कहा गया है. उधर एक अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर मोहम्मद फ़ारूक़ अब भी हिरासत में हैं. उन पर आरोप हैं कि वे विदेशों के साथ सौदेबाज़ी में डॉक्टर क़दीर ख़ान के प्रतिनिधि थे. |
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