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बेनज़ीर ने मुशर्रफ़ पर आरोप लगाए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने परमाणु तकनीक के लीक होने के मामले में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ पर आरोप लगाए हैं. अमरीका में उन्होंने कहा, "लगता है राष्ट्रपति मुशर्रफ़ कवर-अप यानि मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं और सवाल ये है कि वे यह किसके लिए कर रहे हैं." उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि यदि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की हुकूमत के दौरान पाकिस्तान की परमाणु तकनीक निर्यात न करने की नीति का उल्लघंन हुआ है तो उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पहले ही कह चुके हैं कि वैज्ञानिकों ने सरकार की जानकारी के बिना परमाणु जानकारी लीक की. साथ वे ज़ोर देकर कहते रहे हैं कि इसमें पाकिस्तान की सरकार की कोई भूमिका नहीं थी. 'संसदीय जाँच हो' पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो का कहना था इस मामले से पाकिस्तान में जनता परेशान है और ये सवाल हो रहे हैं कि देश के परमाणु हथियार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के हाथ में सुरक्षित हैं या नहीं. उनका कहना था कि पाकिस्तान में उनके राजनीतिक दल की माँग है कि इस मामले की संसदीय जाँच होनी चाहिए. उनका कहना था कि इससे ही पता चल सकता है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने पाकिस्तान को लिखे अपने पत्र में क्या कहा है. पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री का ये भी कहना था कि परमाणु तकनीक के निर्यात न करने की नीति के उल्लघन के बारे में जाँच करने के लिए एक आयोग का गठन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसमें उनके, पूर्व प्रधामंत्री नवाज़ शरीफ़ के और राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के प्रतिनिधि होने चाहिए. उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतने बड़े मामले पर किसी पूर्व प्रधानमंत्री को विश्वास में लेने या जानकारी देने की ज़रूरत नहीं समझी गई. |
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