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पाकिस्तान का आंतरिक मामला नहीं: भारत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान के परमाणु जानकारी लीक करने के मामले पर भारत ने कहा है कि ये पाकिस्तान का आंतरिक मामला नहीं है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने गुरुवार को अब्दुल क़दीर ख़ान को माफ़ी देने के बाद कहा था वे इस मामले में अंतरराष्ट्रीय जाँच नहीं चाहते. समाचार एजेंसियों के अनुसार भारत के विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस मामले पर भारत की पहली प्रतिक्रिया ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ के साथ बैठक के बाद दी. उन्होंने कहा, "ये पाकिस्तान का आंतरिक मामला नहीं है. इसका संबंध पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से है. इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में बहस होनी चाहिए." समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में बहस के बाद ये मुद्दा सुलझाया जाए ताकि जिन देशों के पास परमाणु हथियार हैं उनका व्यवहार और ज़िम्मेदाराना हो. भारतीय विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा का कहना था, "हमें अब्दुल क़दीर ख़ान के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जानकारी नहीं है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने एक फ़ैसला किया है लेकिन लगता है कि मामला यहीं नहीं रुकेगा." ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ इस मामले पर कुछ ख़ास नहीं बोले. उनका कहना केवल इतना था कि ब्रिटेन चाहता है कि परमाणु अप्रसार संधि का पूरी तरह पालन किया जाए. |
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