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अमरीका को मुशर्रफ़ पर पूरा भरोसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने परमाणु तकनीक दूसरे देशों को देने के मामले में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को क्लीन चिट दे दी है. मंगलवार को वाशिंगटन पोस्ट ने यह ख़बर छापी थी कि पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने परमाणु जानकारी लीक किए जाने के बारे में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के शामिल होने की बात कही है. अब्दुल क़दीर ख़ान पर आरोप है कि उन्होंने लीबिया, ईरान और उत्तरी कोरिया जैसे देशों को परमाणु तकनीक की जानकारी दी. अमरीका के विदेश उपमंत्री रिचर्ड आर्मिटेज ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार इस मामले में शामिल नहीं है. भरोसा व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव स्कॉट मैक्लीलैन ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने अमरीका को भरोसा दिलाया है कि वह परमाणु प्रसार कार्यक्रम में शामिल नहीं है. मैक्लीलैन ने कहा कि अमरीका पाकिस्तान के भरोसे का सम्मान करता है. दूसरी ओर परमाणु तकनीक दूसरे देशों को देने के आरोपों में घिरे पाकिस्तानी वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने बुधवार को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से मुलाकात की. लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि दोनों में क्या बातचीत हुई. उधर जापान के दौरे पर गए अमरीकी विदेश उपमंत्री ने एक जापानी अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमरीका को ऐसी कोई सूचना नहीं है कि पाकिस्तान सरकार ऐसी गतिविधियों में शामिल है. परवेज़ मुशर्रफ़ को क्लीन चिट देते हुए आर्मिटेज ने कहा, "मुशर्रफ़ सही व्यक्ति हैं और सही समय पर पाकिस्तान का नेतृत्व उनके पास है." उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ पर हुए दो जानलेवा हमले का ज़िक्र किया और कहा कि इससे उन्हें यही लगता है कि मुशर्रफ़ पाकिस्तान को एक आधुनिक देश बनाने की कोशिश कर रहे हैं. |
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